हरियाणा में विधायकों ने उड़ाई सरकारी नियमों की धज्जियां, गाड़ी पर लगाई वीआईपी झंडियां

लेकिन हरियाणा के विधायकों ने सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी वाहनों पर मेहरून रंग की झंडियां लगानी शुरू कर दी हैं। ताकि टोल नाकों पर उनके वाहनों को रोका ना जा सके, साथ ही चौक चौराहों पर खड़े पुलिस कर्मी उन्हें सलामी दें सके।

हरियाणा में विधायकों ने उड़ाई सरकारी नियमों की धज्जियां, गाड़ी पर लगाई वीआईपी झंडियां
सरकारी वाहन
तीन साल पहले प्रधानमन्त्री मोदी ने विधायकों के वीआईपी कल्चर को ख़त्म करने की पहल की थी। जिसके लिए  वीआईपी गाड़ियों से प्रतीकात्मक चिन्ह हटाने के निर्देश दिए गए थे। लेकिन हरियाणा के विधायकों ने सरकार के नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए सरकारी वाहनों पर मेहरून रंग की झंडियां लगानी शुरू कर दी हैं। ताकि टोल नाकों पर उनके वाहनों को रोका ना जा सके, साथ ही चौक चौराहों पर खड़े पुलिस कर्मी उन्हें सलामी दें सके। इतना ही नहीं जब सरकार द्वारा वीआईपी कल्चर को खत्म करने का आदेश हुआ, तो उस समय तो सबने मान लिया। लेकिन अधिक समय तक उस पर अमल नहीं कर पाए। और विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता के सामने बीच का रास्ता निकालने की पेशकश रख दी। जिसके चलते विधायकों ने मेहरून रंग की झंडियां जिस पर विधानसभा का लोगो लगा हुआ है और एमएलए लिखा हुआ है। उसे गाड़ियों पर लगाने की होड़ शुरू हो गई। हालांकि इसे लगाकर अब विधायकों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा है। लेकिन ऐसा करके उन्होंने अपनी ही सरकार के मोटर वाहन एक्ट में हुए संशोधन की धज्जियां उड़ाई है। क्यूंकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद हर तरह के वाहन, आर्मी, प्रेस, चेयरमैन और वाइस चेयरमैन तक को भी इस कैटेगरी में शामिल किया गया। और किसी भी पदाधिकारी को इसमें अब तक कोई छूट नहीं प्रदान की गई है। ऐसे में सवाल यह उठता है कि क्या इस संबंध में हाईकोर्ट से स्वीकृति ली गई थी या नियमों को ताक पर रखकर हरियाणा सरकार द्वारा सांसदों को यह विशेष छूट दी गई है।