निकिता के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मिलेगी सजा, 3 महीने में आएगा फैसला

600 पेज की चार्जशीट और 60 गवाह, फास्ट ट्रैक कोर्ट में रोजाना होगी सुनवाई। सरेआम की गई थी हत्या, पुलिस ने की थी फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई की सिफारिश।

निकिता के हत्यारों को फास्ट ट्रैक कोर्ट में मिलेगी सजा, 3 महीने में आएगा फैसला

बहुचर्चित निकिता तोमर हत्याकांड मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। पुलिस की सिफारिश पर कोर्ट ने सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी है। ऐसे में अब मामले में जल्द फैसला आने की उम्मीद है, क्योंकि केस की सुनवाई रोजाना होगी। पुलिस ने रिकार्ड 11 दिन में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। 14 दिन में फास्ट ट्रैक कोर्ट में केस की सुनवाई की मांग मंजूर कर ली गई। वहीं पीड़ित परिवार ने अब तक की कार्रवाई पर संतोष जताया है।

6 नवंबर को पुलिस ने फाइल की चार्जशीट

मामले की गंभीरता को देखते हुए सरकार ने इसकी जांच एसआईटी को सौंप दी। एसआईटी की टीम ने पांच घंटे के अंदर मुख्य हत्यारोपी तौसीफ को सोहना से गिरफ्तार कर लिया। उसके साथी रेहान और हथियार उपलब्ध कराने वाले अजरू को भी पुलिस ने पकड़ा। तमाम साक्ष्यों और सबूतों को एकत्र करके महज 11 दिन में ही 600 पेज की चार्जशीट तैयार करके छह नवंबर को कोर्ट में दाखिल कर दी। चार्जशीट में निकिता की सहेली समेत कुल 60 गवाह बनाए गए हैं।

पुलिस ने कोर्ट से की थी सुनवाई की अपील

सूत्रों ने बताया कि सरकार के आदेश पर पुलिस कमिश्नर ने इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने के लिए कोर्ट से गुजारिश की थी। निकिता के मामा एडवोकेट रावत ने बताया कि अब केस की सुनवाई हर दिन होगी। ऐसे में ढाई से तीन माह में फैसला आने की उम्मीद है। उधर मृतका के पिता मूलचंद तोमर का कहना है कि उनको संतुष्टि तभी होगी, जब हत्यारों को फांसी की सजा मिलेगी।