प्रदूषण को नियंत्रित करने की सरकार की अनोखी पहल, पराली ना जलाने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार

हिसार की जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि जीरो बर्निंग का लक्ष्य लेकर रेड ज़ोन गांवों में जो पंचायतें प्रयासरत रहेंगी। उन्हें राज्य सरकार की तरफ से दो, तीन और पांच लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलेगा।

प्रदूषण को नियंत्रित करने की सरकार की अनोखी पहल, पराली ना जलाने वालों को मिलेगा नकद पुरस्कार
पराली प्रदूषण
दिल्ली समेत पंजाब और हरियाणा के शहरों में पराली प्रदूषण को बढ़ाने की मुख्य वजह बन गई है। ऐसे में सरकार हर तरीके से इसे जलाने से रोकने का प्रयास कर रही है, ताकि प्रदूषण को नियंत्रित किया जा सके। जिसके चलते इस बार हिसार की जिला उपायुक्त डॉ. प्रियंका सोनी ने बताया कि जीरो बर्निंग का लक्ष्य लेकर रेड ज़ोन गांवों में जो पंचायतें प्रयासरत रहेंगी। उन्हें राज्य सरकार की तरफ से दो, तीन और पांच लाख रुपए का नकद पुरस्कार मिलेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि किसान फसल अवशेष प्रबंधन के तहत मशीनों के प्रयोग से खेत में पराली की गांठ बना सकते हैं। जिससे एक ओर किसानों को प्रदूषण से मुक्ति मिलेगी, तो वहीं दूसरी ओर भूमि की उपजाऊ शक्ति में भी वृद्धि होगी। इतना ही नहीं पराली की गांठ बनाने वाले किसानों को सरकार 50 रुपए प्रति क्विंटल के आधार पर प्रोत्साहन राशि भी देगी।
तो वहीं सहायक कृषि अभियंता गोपीराम ने बताया कि कृषि एवं किसान कल्याण विभाग की कृषि अभियंत्रण शाखा और हरियाणा कृषि प्रबंधन और विस्तार प्रोद्यौगिकी संस्थान जींद ने रेड ज़ोन गांवों जैसे घिराय, काजल, नारनौंद, औंरग, शाहपुर, राजपुरा, चमारखेड़ा, बिठमड़ा और पाबड़ा आदि में किसानों को फसल अवशेष प्रबंधन के अनुसार मशीन संचालन, मरम्मत और तकनीकों के बारे में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे किसान बारीकी से जानकारी प्राप्त कर मशीनों का संचालन  कर सकें। इसके लिए किसानों को मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इस दौरान गांव के करीब 280 किसानों को प्रशिक्षित किया जाएगा।