बच्चों के विकास का सबसे बड़ा स्त्रोत परिवार :- राजबीर कश्यप – कलानौर में निशुल्क…


बच्चों के विकास का सबसे बड़ा स्त्रोत परिवार :- राजबीर कश्यप
– कलानौर में निशुल्क कानूनी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
– विद्यार्थियों द्वारा निकाली गई जागरूकता जनयात्रा
रोहतक, 15 अक्तूबर : आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रमों की श्रंखला में जिला एंव सत्र न्यायाधीश राकेश कुमार यादव एंव सीजेएम खत्री सौरभ के मार्गदर्शन में विश्व विद्यार्थी दिवस के अवसर पर गवर्नमेंट मॉडल संस्कृति सीनियर सेकेंडरी स्कूल, कलानौर के प्रांगण में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण के सौजन्य से एक विशेष निशुल्क कानूनी जागरूकता व साक्षरता, जागरुकता जनयात्रा कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि तहसीलदार मदन लाल शर्मा व अन्य अतिथिगण पैक्स के चेयरमैन गुलाब सिह, एसएचओ कलानौर, सब-इंस्पेक्टर नवींदर सिंह, कलानौर क्षेत्र के प्रसिद्ध शिशु रोग विशेषज्ञ एंव पूर्व चिकित्सा अधिकारी डॉ पवन कुमार आदि की उपस्थिति रही। मदन लाल शर्मा द्वारा मां सरस्वती की ज्योति प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया।
एमएल शर्मा ने भी कानूनी जागरूकता व साक्षरता कार्यक्रमों के संबध में जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक को एक विशाल मंच व अग्रणी संस्था बताया व शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ पवन कुमार ने भी बच्चों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी दी वहीं एसएचओ नवींदर सिह ने भी उपस्थित नागरिकों को अनुशासन के के संबध में अपने विचार सांझा किये। विद्यालय की प्रिंसीपल सुनीता चहल ने भी विधार्थीयों को बताया कि एपीजे अब्दुल कलाम ने भी अपने वैज्ञानिक और राष्ट्रपति जैसे सबसे बड़े संवैधानिक पद को प्राप्त करने के बाद भी उन्होंने अपने आपको एक शिक्षक ही माना।
इस अवसर पर जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक के पैनल के वरिष्ठ अधिवक्ता राजबीर ने बाल अधिकारों के संबध में जानकारी देते हुए बताया कि परिवार समाज की केंद्रीय ईकाई है और बच्चो के विकास का सबसे बड़ा स्रोत है। यह बच्चों के पोषण, भावनात्मक बंधन और सामाजिकता प्रदान करता है। एक समृद्ध और पोषक पारिवारिक जीवन बच्चो की संभावनाओं और व्यक्तित्व के विकास के लिए आवश्यक है। 20 नवंबर 1989 को संयुक्त राष्ट्र की आम सभा द्वारा बाल अधिकार समझौते को पारित किया गया। यह ऐसा पहला अंतर्राष्ट्रीय समझौता है जो सभी बच्चो के नागरिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, आर्थिक एंव राजनीतिक अधिकारों को मान्यता देता है। सन 2010 में संयुक्त राष्ट्र ने 15 अक्तूबर के दिन भारत के पुर्व राष्ट्रपति डॉ कलाम के जन्मदिन मनाने की घोषणा की। वह एक उम्दा शिक्षक भी थे।
उपस्थित सभी अतिथियों को जिला विधिक सेवाएं प्राधिकरण रोहतक की तरफ से स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर विद्यार्थियों द्वारा एक जागरूकता जनयात्रा का भी आयोजन किया गया, जो शहर के विभिन्न मार्गों से होती हुई वापिस विद्यालय के प्रांगण में सम्पन्न हुई। इस अवसर पर पीएलवी माया देवी, साहिल, प्रिंसीपल सुनीता चहल सहित अध्यापकगण व विद्यार्थी उपस्थित रहे।
फोटो : 04 व 05
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