लिंगानुपात में सुधार के लिए रेड बढाये :- अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल -…


लिंगानुपात में सुधार के लिए रेड बढाये :- अतिरिक्त प्रधान सचिव डॉ. अमित अग्रवाल
– पीएनडीटी एक्ट व एमटीपी एक्ट को करें सख्ती से लागू
– परिवार पहचान पत्र के कार्य को गति प्रदान करें
– 25 दिसंबर के बाद किसी भी कार्यालय में पेपर फाईल स्वीकृत नही होगी
– कहा, सभी कार्यालय ई-ऑफिस के तहत कार्य करें
– सरल पोर्टल के माध्यम से घर द्वार पर आमजन को मिल रही सेवाएं
रोहतक, 8 अक्तूबर : मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी परियोजना निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश में लिंगानुपात को सुधारने के लिए पीएनडीटी एवं एमटीपी रेड दोबारा शुरू करें तथा प्रसवपूर्व लिंग जांच में संलिप्त लोगों की पहचान कर उनके विरुद्घ एफआईआर दर्ज करवाये। पीसी पीएनडीटी एवं एमटीपी अधिनियमों को सख्ती से लागू करें।
डॉ. अमित अग्रवाल वीडियो कॉन्फें्रस के माध्यम से रोहतक, झज्जर, कुरुक्षेत्र, हिसार, चरखी दादरी, सोनीपत, फतेहाबाद, जींद, सिरसा जिलों के उपायुक्तों एवं अन्य उच्चाधिकारियों के साथ विभिन्न कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने वीसी के माध्यम से ई-आफिस, अंत्योदय सरल, परिवार पहचान पत्र, नेशनल एचीवमेंट सर्वे (सक्षम एवं समर्थ हरियाणा), मेरी फसल-मेरा ब्यौरा, पीसी-पीएनडीटी एक्ट व कल्याणकारी योजनाओं को लेकर फीडबैक आदि की समीक्षा की और उपायुक्तों से कहा कि वे उक्त सभी योजनाओं को लेकर समय-समय पर संबंधित विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक करें और कहीं पर भी ढील ना आने दे।
परियोजना निदेशक डॉ. अमित अग्रवाल ने बेटी बचाव-बेटी पढ़ाओ अभियान की समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिलों में लिंगानुपात को बढ़ाने के लिए रेड दोबारा शुरू की जाये। उन्होंने कहा कि जिला रोहतक में गत जनवरी से अगस्त माह तक 952 लिंगानुपात दर्ज किया गया है। इन अधिनियमों को सख्ती से लागू किया जाये। प्रदेश में गिरता लिंगानुपात चिंता का विषय है। इस कार्यक्रम के शुरू होने के बाद लिंगानुपात में सुधार हुआ। लड़कियां सभी क्षेत्रों में लडक़ों से आगे है। इसलिए कन्या भ्रूण हत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाने के लिए प्रदेश सरकार वचनबद्घ है। सभी उपायुक्त पीएनडीटी की रेड बढ़वाये तथा निरंतर समीक्षा करें।
डॉ. अमित अग्रवाल ने कहा कि अंत्योदय भवन व अंत्योदय सरल केन्द्र के माध्यम से हरियाणा प्रदेश की जनता को 550 सेवाएं व कल्याणकारी योजनाओं का लाभ ऑनलाईन दिया जा रहा है। ऐसी सेवाएं उपलब्ध करवाने वाला हरियाणा देश का पहला राज्य है। इस कार्यक्रम की राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हो रही है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सेवाओं को समयबद्घ उपलब्ध करवाने के दृष्टिïगत सेवाओं को अधिसूचित किया गया है तथा इन सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित की गई है। हरियाणा सेवा आयोग द्वारा लोगों को इस बारे जागरूक किया जा रहा है। आयोग द्वारा लाँच किये गये आटो अपील सॉफ्टवेयर के उपरांत अब प्रशासनिक अधिकारियों की नागरिकों के प्रति जवाबदेही भी बढ़ी है।
परियोजना निदेशक डॉ अग्रवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल इन सभी योजनाओं के पारदर्शी क्रियान्वयन के लिए पूरी तरह गंभीर है और वे चाहते है कि प्रदेश की जनता को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ घर बैठे समय पर मिले। उन्होंने कहा कि ई-आफिस हरियाणा सरकार का एक महत्वपूर्ण विषय है। प्रदेश में आगामी 25 दिसबंर के बाद किसी भी कार्यालय में पेपर फाईल पर कार्य नहीं होगा बल्कि सभी कार्य ई-ऑफिस के माध्यम से होंगे। जिला स्तर पर ई-ऑफिस की निरंतर मॉनीटरिंग की जाये। ई-आफिस पर एक्टिव हर यूजर कम से कम 10 फाइल की मूवमेंट करें।
डॉ. अमित अग्रवाल ने सक्षम हरियाणा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि पिछले 5 वर्षो के दौरान इस दिशा में हरियाणा में अच्छा कार्य हुआ है, जिसे निरंतर जारी रखने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि स्कूली बच्चों के प्रति यह सामाजिक जिम्मेदारी बनती है कि बच्चों की नींव सही हो। जहां शिक्षा मित्र नहीं बनाए गए है, इस कार्य को जल्द पूरा करें। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार द्वारा आंगनवाड़ी केन्द्रों को भी प्ले स्कूल में परिवर्तित किया जा रहा है। पहले चरण के दौरान करीब 4 हजार प्ले स्कूल खोले जाएंगे। इससे 3 वर्ष से 6 वर्ष की आयु के बच्चों का बौद्धिक व शारीरिक विकास होगा।
परियोजना निदेशक ने मेरी फसल-मेरा ब्योरा योजना की समीक्षा को लेकर उपायुक्तों से कहा कि वे पोर्टल पर अधिक से अधिक किसानों को पंजीकरण करवाने के लिए प्रेरित करें ताकि किसानों को फसल बेचने और फसल की अदायगी होने में किसी प्रकार की दिक्कत का सामना ना करना पड़े। उन्होंने परिवार पहचान पत्र की समीक्षा करते हुए कहा कि परिवार पहचान पत्र के कार्य को प्राथमिकता के आधार पर निपटाये। परिवार पहचान पत्र को सभी कल्याणकारी योजनाओं के साथ जोड़ा जा रहा है ताकि कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ केवल पात्र लोगों को मिले।
वीसी में उपायुक्त कैप्टन मनोज कुमार ने कहा कि जिला में ई-ऑफिस की नियमित रूप से समीक्षा की जाती है तथा जरूरतमंद विभागों के कर्मचारियों को समय पर प्रशिक्षण भी दिलवाया जाता है। उन्होंने सक्षम हरियाणा के संदर्भ में कहा कि जिला में शिक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तालमेल से कार्य किया जा रहा है तथा नियमित रूप से समीक्षा की जा रही है।
इस अवसर पर अतिरिक्त उपायुक्त महेंद्रपाल, रोहतक के उपमंडलाधीश राकेश कुमार सैनी, नगराधीश ज्योति मित्तल, नगर निगम के संयुक्त आयुक्त सुरेश कुमार, सिविल सर्जन डॉ. जेएस पुनिया, मुख्यमंत्री सुशासन सहयोगी शुभम चतुर्वेदी, जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. विजय लक्ष्मी नांदल, कृषि उपनिदेशक डॉ. इन्द्र सिंह, डीआईओ जितेंद्र मलिक व सीडीपीओ वैशाली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
फोटो : 21 से 23
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