नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक (एसडीजी इंडेक्स) 2020-21 में हरियाणा ‘सबसे…


नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक (एसडीजी इंडेक्स) 2020-21 में हरियाणा ‘सबसे तेजी से तरक्की करने वाले राज्यों’ में अग्रणी रहा है। सुश्री संयुक्ता समाद्दार, सलाहकार (एसडीजी), नीति आयोग ने यह बात आज यहां हरियाणा के मुख्यमंत्री श्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में आयोजित एक कार्यशाला के दौरान कही। इस कार्यशाला का आयोजन स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान (एसजेएचआईएफएम) द्वारा किया गया था। कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य राज्य के साथ-साथ जिला स्तर पर सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए नियमित निगरानी व रणनीतियों के बारे में विभागों के साथ परामर्श और उनका मार्गदर्शन करना था।
इस अवसर पर श्री मनोहर लाल ने हरियाणा सतत विकास लक्ष्य सूचकांक (एसडीजी इंडेक्स) 2020-21 और हरियाणा प्रोविजनल एसडीजी जिला सूचकांक 2021 भी जारी किया और इस संबंध में वित्त विभाग और एसजेएचआईएफएम को उनके प्रयासों के लिए बधाई दी। उन्होंने संस्थान और सभी संबंधित विभागों को बाद के संस्करण को भी जारी करने हेतु समन्वय के साथ काम करने के लिए प्रोत्साहित किया।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2015 से एसडीजी इंडेक्स के माध्यम से व्यापक रूप से सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) को प्राप्त करने की दिशा में राज्यों और केन्द्र- शासित प्रदेशों के लिए विकास प्राथमिकताएं निर्धारित की जा रही हैं, जिसके तहत वांछित लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए 17 लक्ष्य दिए गए हैं। मुझे खुशी है कि हरियाणा तेज गति से चल रहा है और एसडीजी लक्ष्य 2030 को प्राप्त करने के लिए निर्धारित सभी मापदंडों को राज्य में चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि यह राज्य सरकार के प्रत्येक विभाग द्वारा दिखाए गए उत्साह और प्रयासों का ही परिणाम है कि हरियाणा को नीति आयोग के सतत विकास लक्ष्य सूचकांक 2020-2021 में सबसे तेजी से तरक्की करने वाले राज्यों में स्थान दिया गया है। साथ ही भविष्य में भी अन्य मापदंडों में भी हम प्रथम स्थान हासिल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी परिवार पहचान पत्र योजना के माध्यम से अति गरीब परिवारों की पहचान करने के लिए एक सर्वेक्षण किया गया है और एक बार परिवार की पहचान हो जाने के बाद मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना (एमएमएपीयूवाई) के तहत यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कौशल प्रशिक्षण और रोजगार या स्वरोजगार स्थापित करने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करके ऐसे परिवारों की पा्रिवारिक आय 1 लाख रुपये तक बढ़ सके और उसके बाद इस आय को 1.8 लाख रुपये तक बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे।
उन्होंने कहा कि वर्तमान राज्य सरकार का लक्ष्य प्रत्येक परिवार को स्वावलंबी बनाना है और उन्हें उम्मीद है कि राज्य सरकार की प्रशासनिक अधिकारी निश्चित रूप से एसडीजी के तहत निर्धारित लक्ष्यों को हासिल कर हरियाणा को विकास के पथ पर आगे ले जाएंगे।
इससे पूर्व, सुश्री संयुक्ता समाद्दार ने वैश्विक रैंकिंग में भारत की स्थिति, सूचकांक अनुमान, बहुआयामी गरीबी सूचकांक (एमपीआई) पर राज्य की स्थिति और जिलेवार प्रदर्शन, राष्ट्रीय एमपीआई, सुधार कार्य योजना आदि सहित विभिन्न विषयों पर विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया।
कार्यशाला में मुख्य सचिव श्री विजय वर्धन ने कहा कि राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं, नीतियों और योजनाओं के कारण ही एसडीजी इंडेक्स 2020-2021 में हरियाणा ‘सबसे तेजी से तरक्की करने वाले राज्यों’ में अग्रणी रहा है। इतना ही नहीं, हरियाणा एसडीजी इंडेक्स के अन्य मापदंडों में भी सुधार कर अग्रणी बनेगा। वित्त विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री टी.वी.एस.एन. प्रसाद ने सूचकांक में अपनी रैंकिंग में सुधार के लिए हरियाणा द्वारा उठाए गए कदमों का संक्षिप्त विवरण दिया।
इस कार्यशाला में राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव एवं वित्त आयुक्त श्री संजीव कौशल, बिजली विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री पी. के. दास, लोक निर्माण (भवन एवं सड़कें) विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री आलोक निगम, जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री देवेंद्र सिंह, विकास एवं पंचायत विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री अमित झा, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजीव अरोड़ा, श्रम विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री राजा शेखर वुंड्रू, उच्च शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव श्री आनंद मोहन शरण, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के प्रधान सचिव श्री विनीत गर्ग, महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती जी. अनुपमा, उद्योग और वाणिज्य विभाग के प्रधान सचिव श्री विजयेंद्र कुमार, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, हरियाणा श्री प्रभजोत सिंह, स्वर्ण जयंती हरियाणा वित्तीय प्रबंधन संस्थान की निदेशक मनदीप कौर सहित प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्षों और नोडल अधिकारियों तथा नीति आयोग व यूएनडीपी के अन्य अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।





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