एयरपाेर्ट विस्तार में ढंढूर डंपिंग स्टेशन का कचरा नहीं बनेगा अड़चन, 130 लाख एमटी कूड़े का होगा निस्तारण

  • कचरा निस्तारण के लिए 8.30 लाख की लीगेशी वेस्ट मशीन से काम शुरू

हिसार. डंपिंग स्टेशन के कचरा निस्तारण की समस्या अब इंटरनेशनल एयरपाेर्ट प्रोजेक्ट में अड़चन नहीं बन पाएगा। एयरपाेर्ट के दूसरे फेज का काम शुरू होने के साथ नगर निगम प्रशासन ने ढंढूर डंपिंग स्टेशन पर 130 लाख मीट्रिक टन (एमटी) कचरे के निस्तारण का साेमवार से शुरू कर दिया। निगम डंपिंग स्टेशन पर लीगेशी वेस्ट मशीन से पाॅलीथिन, मिट्टी और अलग वेस्ट काे अलग-अलग ढेर बनाएगा। सोमवार को मेयर गौतम सरदाना, ज्वॉइंट कमिश्नर शालिनी चेतल व पार्षद अनिल जैन ने प्रोजेक्ट की शुरुआत की।

मेयर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के दूसरे फेज का काम शुरू हो गया है। हवाई अड्डे का मुख्य गेट डंपिंग स्टेशन से एक किलोमीटर की दूर बनाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के मानकों को ध्यान में रखते हुए नगर निगम प्रशासन ने सोमवार को डंपिंग स्टेशन पर कचरा प्रबंधन को लेकर पायलेट प्रोजेक्ट शुरू किया है। यह कामयाब होता है तो बड़े पैमाने पर काम शुरू किया जाएगा।

कचरे का निस्तारण कर यहां रमणीय स्थल बनाया जाएगा
मेयर ने कहा कि पायलेट प्रोजेक्ट के लिए नगर निगम ने 8 लाख 30 हजार रूपये की लागत से लीगेशी वेस्ट मशीन खरीदी है। यह मशीन मिट्टी और कूड़े को अलग करती है। इस मशीन की कार्यक्षमता को परखने के बाद ही और मशीनें मंगाई जाएंगी। जिससे जल्द डंपिंग स्टेशन को कचरे के ढेर से बदलकर रमणीय स्थान बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि शहर से निकलने वाले 180 मीट्रिक टन कचरे का निस्तारण करने के लिए हर वार्ड में कंपोस्ट प्लांट लगाए जाएंगे। पहला आधुनिक कंपोस्ट प्लांट सेक्टर 13 में बीते दिनों हमने शुरू किया है।