केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने उद्यमियों के साथ की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग

  • स्मृति ईरानी ने दिया मदद करने का भरोसा
  • कैबिनेट का फैसला था एमएसएमई में नहीं जुड़ेगा एक्सपोर्ट, अधिसूचना में लिखा नहीं

पानीपत. केंद्रीय कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी ने रविवार को उद्यमियों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की। इसमें उत्तर प्रदेश के कारपेट से जुड़े और पानीपत के एक्सपोर्टर्स शामिल हुए। केंद्रीय मंत्री ने उद्यमियों से उद्योग के बारे में पूछा। पानीपत एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल और सीनियर सदस्य अशोक गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री का ध्यान सरकार के नोटिफिकेशन की ओर दिलाया। जिस नोटिफिकेशन में एक्सपोर्ट को एमएसएमई से बाहर नहीं दिखाया गया। मतलब कि अगर कोई एक्सपोर्ट कर रहा है तो उसे एमएसएमई में ही जोड़ा जाएगा।

एक्सपोर्टर अशोक गुप्ता ने केंद्रीय मंत्री का इस ओर ध्यान दिलाया तो स्मृति ईरानी ने कहा कि अगर नोटिफिकेशन में नहीं आया है तो ठीक होगा, चाहे इसके लिए कैबिनेट में ही अलग से मामला क्यों रखना पड़े। पानीपत के उद्यमियाें ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि केंद्रीय मंत्री ने जो उन्हें भरोसा दिया है वे उसे हर हाल में पूरा करेंगी और उन्हें राहत प्रदान होगी।

एक्सपोर्ट को अलग नहीं किया तो एमएसएमई का लाभ नहीं मिलेगा
केंद्र सरकार ने मशीनरी पर 50 करोड़ रुपए की इनवेस्टमेंट को एमएसएमई के दायरे में रखा है। वहीं, 250 करोड़ रुपए की घरेलू सेल भी एमएसएमई के दायरे में आएगी। इसमें एक्सपोर्ट शामिल नहीं होगा। मतलब कि अगर किसी ने 250 करोड़ का एक्सपोर्ट किया है 400 करोड़ का, इसे एमएसएमई में शामिल नहीं किया जाएगा।

लेकिन नोटिफिकेशन में इसका जिक्र नहीं है। इस तरह से अगर कोई 300 करोड़ का एक्सपोर्ट करता है और उसका घरेलू कारोबार बेशक 50 करोड़ रुपए का है, एमएसएमई का लाभ नहीं ले सकता।

मंत्री के सामने एक्सपोर्टर ने 2 और डिमांड भी रखी
1. मशीनरी पर ब्याज जल्दी दिलाया जाए- मशीनरी अपग्रेडेशन पर ब्याज में देरी हो रही है। एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन के प्रधान ललित गोयल ने बताया कि मशीनरी अपग्रेड करने पर सरकार बैंक के ब्याज में 5 फीसदी की सब्सिडी देती है, लेकिन पिछले डेढ़-दो साल से ब्याज नहीं मिल रहा है।

2. ऑर्डर का समय बीत जाता है, बीमा नहीं होता- एक्सपोर्टर ललित गोयल ने केंद्रीय मंत्री को ईसीजीसी (एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कार्पोरेशन) से हो रही परेशानी की ओर भी ध्यान दिलाया। गोयल ने मंत्री को बताया कि ऑर्डर का समय बीत जाता है, लेकिन उसका बीमा के लिए ईसीजीसी से कागजी कार्रवाई पूरी नहीं होती। अब उद्यमी एक्सपोर्ट करे या ऑर्डर कैंसिल कर दे। केंद्रीय मंत्री ने समस्याओं का समाधान कराने का भरोसा दिया।