आज खुलेंगे धार्मिक स्थल, हैंड सैनिटाइजर और मास्क के बिना नहीं हो सकेगी एंट्री

  • भंडारा अन्नदान या कम्युनिटी किचन में साेशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें, एंट्री व एक्जिट पाॅइंट हो अलग

पानीपत. आज 74 दिन बाद भगवान व खुदा के दर खुलेंगे। अब भक्त मंदिर, मस्जिदाें, गुरुद्वाराें व चर्च में दर्शन के लिए जा सकेंगे, लेकिन पहले की तरह किसी चीज काे छू नहीं सकते। मंदिराें व मस्जिदाें काे सैनिटाइज कर पूरी तैयारी शुरू की गई है। 8 जून से जिले सहित पूरे देश में धार्मिक स्थल खोले जा रहे हैं। हालांकि, कंटेनमेंट जोन में धार्मिक स्थलों को बंद करने का फैसला किया गया है। इसके लिए केंद्र सरकार ने 5 जून काे गाइडलाइन जारी कर दी हैं।

परिसर में प्रवेश से पहले सभी को अपने हाथ और पैर साबुन से धोने होंगे। प्रवेश द्वार पर ही सबके शरीर का तापमान चेक किया जाएगा। केवल उन्हीं को प्रवेश मिलेगा जिनमें कोरोना का कोई लक्षण नहीं होगा। बगैर फेस मास्क पहने लोगों का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित किया गया है।

मंदिर, मस्जिद, चर्च व गुरुद्वारे में ये हाेंगे बड़े बदलाव…

  • एंट्री गेट : हैंड सैनिटाइजर और थर्मल स्क्रीनिंग जरूरी, जिनमें काेराेना के सिंपटम्स नहीं उन्हें ही एंट्री मिलेगी। मास्क या फेस कवर जरूरी।
  • मंदिराें के अंदर : मूर्तियाें, पवित्र किताबाें काे छूने की इजाजत नहीं, समूह में गाना बजाना न हाे, रिकाॅर्डेड धुन या गाने ही बजाएं। लाेगाें के बीच फिजिकल काॅन्टेक्ट न हाे। प्रसाद नहीं बांटा जाएगा। काॅमन दरी, चटाई, कालीन न रखी जाए। जमावड़ाें और समारोहों पर राेक रहे।
  • परिसर : लंगर, भंडारा अन्नदान या कम्यूनिटी किचन में साेशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखें। ताजी हवा के लिए क्राॅस वेंटिलेशन का पूरा ध्यान रखना हाेगा। एंट्री व एक्जिट पाइंट अलग-अलग हाेना चाहिए।

कोविड-19 या संदिग्ध केस पाए जाने पर ये करना होगा

  • तुरंत इसकी सूचना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को देनी होगी।
  • जिस जगह पर संक्रमित पाया जाएगा वो वहां पर मौजूद लोगों को आइसोलेट होना होगा।
  • संदिग्ध की जांच के दौरान उसके आस-पास के लोगों को खुद का फेस कवर रखना होगा।

श्रद्धालु मास्क लगाएं : काकू
मंदिराें में काेराेना वायरस से बचने व सरकार की गाइडलाइन के बाेर्ड तक लगाए जा चुके हैं। देवी मंदिर के प्रधान काकू बंसल ने श्रद्धालुओं से अपील कि है कि जाे लाेग भी मंदिर में दर्शनाें के लिए आए वाे मास्क लगाए और साथ में साेशल डिस्टेंसिंग का ध्यान भी रखें।