200 करोड़ से होने वाले करनाल-जींद फोरलेन मार्ग का काम जल्द होगा पूरा

  • चिढ़ाव मोड़ से डब्ल्यूजेसी तक 4 किमी. की सड़क का निर्माण शुरू

करनाल. करीब 200 करोड़ की लागत से करनाल-जींद राष्ट्रीय राजमार्ग-709 फोरलेन का कार्य अब जल्द पूरा होगा। चिढ़ाव मोड़ से डब्ल्यूजेसी पुल तक मात्र 4 किलोमीटर का काम शेष है, जो युद्धस्तर पर चल रहा है। डीसी निशांत कुमार यादव ने शनिवार को तैयार हो रहे एनएच फोर लेनिंग तथा डब्ल्यूजेसी पर निर्माणाधीन पीडब्ल्यूडी बीएंडआर के पुल के कार्य का निरीक्षण किया। यातायात की दृष्टि से दोनों प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण हैं।
निरीक्षण के दौरान डीसी ने पहले डब्ल्यूजेसी पर करीब 7 करोड़ की लागत से बनाए जा रहे पुल के कार्य का जायजा लिया और संबंधित विभाग के इंजीनियरों से इसकी प्रगति की जानकारी ली। फिलहाल पुल के पीआर व एबटमेंट का कार्य प्रगति पर है। अनुमानित 7 करोड़ 9 लाख की कॉस्ट में डब्ल्यूजेसी व इसके साथ लगती आवर्धन नहर पर पुल बनकर तैयार होंगे। इनकी लंबाई करीब 150 मीटर रहेगी। डीसी ने इंजीनियरों से कहा कि काम को स्पीड-अप करो, आगे बारिश का मौसम आएगा, जिससे नहर में पानी आने से प्रगति पर असर पड़ेगा। इस पर बीएंडआर के कार्यकारी अभियंता डीएस दहिया ने बताया कि बरसाती सीजन में भी प्रोजेक्ट का काम चलता रहे इसके लिए पुल से बाहर प्री-कास्ट गार्ड तैयार करवाए जाएंगे, जैसे ही सीजन खत्म होगा पुल पर दोबारा काम शुरू कर इसे मुकम्मल करने पर जोर दिया जाएगा। पहले डब्ल्यूजेसी और फिर आवर्धन नहर पर पुल बनाए जाएंगे।
डीसी ने एनएच-709 के चिढ़ाव मोड से डब्ल्यूजेसी तक फोर लेनिंग के कार्य का निरीक्षण किया। इस काम को देख रहे एनएचएआई के कंसल्टेंट इंजीनियर अरुण कटारिया ने डीसी को बताया कि इसका काम वारफुटिंग पर है। सड़क पर डीबीएम व पीसी की लेयर डाली जाएगी। डीसी ने कहा कि सड़क के इस हिस्से में पुलिस लाइन और केंद्रीय विद्यालय स्थित हैं, दोनों लोकेशन पर कट जरूर छोड़े जाएं।
करनाल-जींद मार्ग के फोर लेनिंग से दोनों ओर 9-9 मीटर चौड़ी सड़कें हो गई हैं। बीच में डेढ़ मीटर का सेंट्रल वर्ज बनाया जा रहा है, जिस पर बिजली के खंभे लगेंगे। करनाल-जींद मार्ग इस क्षेत्र की पुरानी सड़क है, कभी इसकी चौड़ाई मात्र 5 मीटर थी और फिर 5 से 7 मीटर हुई, अब 18 मीटर हो गई है। फोर लेनिंग से यातायात तो सुगम होगा ही, वाहन चालकों के लिए सफर भी सुकून भरा रहेगा।