2 बसों की सवारियों को एक बस में लेकर जाने वालों को आरटीए ने पकड़ा, दूसरी बस में रवाना किए यात्री

  • रोडवेज ने भी बसों की बढ़ाई संख्या, सवारियों के अनुसार चलेंगी बसें

करनाल. एक टूरिस्ट बस में क्षमता से ज्यादा सवारी बैठाने पर सूचना के आधार पर करनाल आरटीए ने इसे पकड़ लिया। डबल डेकर बस में 80 सवारियां होने पर दूसरी बस को मंगवाया गया। इन सवारियों को 2 बसों में रवाना किया गया। दूसरी तरफ, रोडवेज ने भी सवारियों के लिए बसों की संख्या बढ़ा दी है। अब सवारियों के अनुसार बसें चलेंगी। सवारी ज्यादा होंगी तो बसों की संख्या बढ़ेगी। जिस भी रूट्स की 10 या 10 से ज्यादा सवारी होंगी उन मार्गों पर रोडवेज की बसें चलेंगी। बसों का संचालन होने पर सवारियों को राहत मिलेगी।

रविवार को बरसात के दौरान एक टूरिस्ट बस जा रही थी। लोगों ने सूचना दी कि कोरोना के चलते बस में खड़े होकर सफर कर रहे हैं। सवारियां बोनट तक पर बैठी थी। आरटीए की तरफ से राकेश कुमार टीम लेकर पहुंचे और उन्होंंने सवारियों की संख्या काे लेकर चालक से बातचीत की और बस के संचालक को बुलाया गया। मौके पर दूसरी बस और मंगवाई गई। जिस बस में सवारियां अधिक थी, उनको दूसरी बस में बैठाया गया। उनके डॉक्यूमेंट्स चेक किए गए। जिसमें उन्होंने 8 जून तक सवारी ले जाने की मंजूरी मिली हुई थी। अधिकारियों ने चेताया कि कोरोना के चलते हम सभी की जिम्मेदारी बनती है कि वह सोशल डिस्टेंस करें और मास्क जरूर लगाएं।

यात्री करें सफर, बस हैं तैयार
रोडवेज की तरफ से ट्रायल के तौर पर असंध, गढ़ीबीरबल, मूनक, लाडवा, पूंडरी, कैथल, पानीपत, जींद, पंचकूला समेत लोकल मार्गों पर बसों को चलाया है । बसों के टाइम फिक्स है। यदि सवारियों की संख्या जिस भी रूट्स पर बढ़ेगी तो वहीं के लिए बसों को चला दिया जाएगा। फिलहाल सरकारी और प्राइवेट जॉब को देखते हुए बसों का टाइम फिक्स किया है, ताकि नौकरी पेशा लोग बसों में सफर कर सकें। रोडवेज ने 10 से ज्यादा मार्गों पर बस सर्विस शुरू की है। आने वाले दिनों में बसों की संख्या और बढ़ाई जाएगी।

ओवरलोड होकर चल रहे वाहन
रेत, बजरी समेत अन्य सामान से ओवरलोड होकर वाहन चल पड़े हैं। ट्रांसपोर्ट माफिया भी सरेआम रेत, बजरी, कोरसेंट ढुलाई में लगे हैं। उन्हें पता है कि प्रशासन की चेकिंग बंद है और अब तक सरकार ने चेकिंग करने के आदेश भी नहीं दिए हैं। स्थानीय प्रशासन को चेकिंग करने के आदेशों का इंतजार है। करनाल में हर महीने एक करोड़ का राजस्व ओवरलोड वाहनों से होता था। कोरोना के चलते चेकिंग बंद है और राजस्व हर महीने जीरो जा रहा है।