मैटरनिटी लीव पूरी होने के बाद भी नहीं कराई जा रही ज्वॉइनिंग, वर्क फ्रॉम होम करने वाली कई महिलाओं का ट्रांसफर

  • प्रदेशभर के विभिन्न स्थानों से 18 महिलाएं राज्य महिला आयोग में पहुंची हैं
  • आयोग का कहना है कि महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

हिसार. (महबूब अली). कोरोनावायरस और लॉकडाउन के दौरान प्राइवेट और सरकारी कंपनियों में काम करने वाली कुछ महिलाएं मैटरनिटी लीव पर गईं थी। कुछ महिलाएं वर्क फ्रॉम होम कर रही थीं। अब लॉकडाउन खत्म होने के बाद जब ये महिलाएं वापस ज्वाइन करने गईं तो अधिकारियों ने ज्वॉइनिंग कराने से इनकार कर दिया है। वहीं, जो महिलाएं घर से काम कर रहीं थी उनका ट्रांसफर तमिलनाडु, बिहार और असम के लिए कर दिया। इसको लेकर महिलाओं ने राज्य महिला आयोग का दरवाजा खटखटाया है। इस संबंध में प्रदेशभर से 18 से अधिक शिकायतें राज्य महिला आयोग के पास पहुंची हैं।

पीड़ित महिलाओं की दास्तां

  • केस -1. झज्जर की रहने वाली महिला ने राज्य महिला आयोग में 1 जून को बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। लॉकडाउन के कारण घर से ही काम कर रही थीं। उनका आरोप है कि अब उसका ट्रांसफर तमिलनाडु के लिए कर दिया गया है। वह ज्वॉइन करने पहुंचीं मगर उसे वहां रखने से साफ इनकार कर दिया गया। कंपनी के खिलाफ महिला ने कार्रवाई की गुहार लगाई है।
  • केस -2. गुरुग्राम की सेक्टर-15 में रहने वाली महिला ने राज्य महिला आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि वह बैंक में नौकरी करती है। मैटरनिटी लीव पर गई थी। अब वापस लौटी तो बैंक के अधिकारियों ने उसे ज्वॉइनिंग कराने से इनकार कर दिया। उसे कहा गया कि उसे अधिकारियों ने हटा दिया है। राज्य महिला आयोग में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
  • केस -3.फरीदाबाद की रहने वाली महिला ने राज्य महिला आयोग में शिकायत करते हुए बताया कि वह मैटरनिटी लीव पर गई थी और वापस लौटी तो उसे प्राइवेट कंपनी में ज्वॉइनिंग नहीं कराई जा रही। उसे हटाने की बात कही जा रही है। यही नहीं उसका पूर्व में रोका गया 2 माह का वेतन भी नहीं दिया जा रहा है।
  • केस -4. रोहतक की रहने वाली महिला ने बताया कि वह प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। उसका ट्रांसफर असम के लिए कर दिया गया। वह 2 दिन पहले असम ज्वॉइनिंग करने के लिए पहुंची तो वहां से ज्वॉइन कराने से इंकार कर दिया गया। कहा गया कि उसे कंपनी ने हटा दिया है। अब उसके सामने परिवार के पालन-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।

लॉकडाउन में पहुंचे 550 मामले

हरियाणा की राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष प्रीति भारद्वाज का कहना है कि लॉकडाउन के दौरान घरेलू कलह के करीब 550 मामले राज्य महिला आयोग में आए। सभी की जांच चल रही है। जांच के बाद कार्रवाई और सुलह कराने का प्रयास किया गया। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉल से भी मामलों का निपटारा किया जा रहा है।

महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा

कोरोनावायरस से जीत के मद्दे नजर सोशल डिस्टेंस व मास्क का प्रयोग जरूरी है। इस गंभीर स्थिति में लोगों को कर्मचारी को निकालने के बजाय उनका सहयोग करना चाहिए। महिलाओं से अपील की कि यदि उनका कोई किसी भी तरह का उत्पीड़न कर रहा है तो महिला अपने अधिकार का उपयोग करते हुए पुलिस या राज्य महिला आयोग से शिकायत करें। महिलाओं का उत्पीड़न किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। – प्रीति भारद्वाज, उपाध्यक्ष, राज्य महिला आयोग।