गंगाजी की बजाय पौधा लगा की अस्थियां प्रवाहित

रेवाड़ी. जिले के गांव बूढ़पुर निवासी एक परिवार ने कोविड के मद्देनजर अनूठी पहल करते हुए अपनी मां की अस्थियों को गंगाजी ले जाने की बजाय पौधे लगाकर प्रवाहित की। परिवार की इस पहल की सभी ने सराहना की है। गांव निवासी सरदार सिंह की एक सौ वर्षीय मां लक्ष्मी देवी का पिछले दिनों निधन हो गया था।

परंपरा के अनुसार अंतिम संस्कार के कुछ दिन बाद शमशान घाट से अस्थियां चुनकर उनको गंगाजी में प्रवाहित किया जाता है लेकिन कोविड की वजह से परिवार के सदस्य गंगाजी नहीं जा सके। इसके बाद डॉ. भीमराव अंबेडकर पर्यावरण संरक्षण समिति यादव नगर की अगुवाई में सरदार सिंह व उनके भाईयों ने अस्थियों को प्रवाहित करने की बजाय उन्हें पौधों में प्रवाहित करने का निर्णय लिया। शनिवार को परिवार के सदस्यों ने गांव में पांच पौधे लगाकर उनमें अपनी मां की अस्थियां प्रवाहित की। यह एक सुखद शुरूआत है और इस कोविड काल में जो परिवार गंगाजी नहीं जा सकते हैं वे इस तरह भी मृतक की अस्थियां पौधों में प्रवाहित करके उनके नाम के पौधे लगा सकते हैं। गांव के लोगों ने भी परिवार की इस पहल की सराहना की। इस अवसर पर रोहताश सिंह, रामनिवास, जयपाल सहित पर्यावरण मित्र शकुंतला यादव, मातादीन, बीरबल, मंगलराम, मा. प्रहलाद सिंह शेरसिंह ने पौधे लगाए।