कांग्रेस नेता सचदेवा पर हमले के आरोपी पाठी की हत्या, नेता समेत 5 पर केस

  • दो से तीन करोड़ के लेनदेन का विवाद था, मरने से पहले गुरबचन ने पुलिस को फोन कर वारदात की सूचना दी
  • तहसील कैंप के जवाहर नगर में घर में घुसकर चाकू से गोदा, आरोपी मेन गेट का ताला लगाकर भागे

पानीपत. तहसील कैंप के जवाहर नगर में शुक्रवार रात कांग्रेस नेता प्रेम प्रकाश सचदेवा पर हमले के आरोपी 61 वर्षीय गुरबचन सिंह की 3 करोड़ के लेनदेन के विवाद में हत्या कर दी। हमलावर घर के अंदर घुसे और चाकू से पेट, पीठ, हाथ, दहीने पैर पर 6 वार करके मेन गेट का ताला लगाकर भाग गए। घायलावस्था में गुरबचन ने 100 नंबर पर फोन कर हमले की सूचना दी। तब पुलिस ने ताला तोड़कर उनको सिविल अस्पताल पहुंचाया। जहां से उनको रोहतक पीजीआई रेफर कर दिया। परिजन निजी अस्पताल में ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। बेटे गगनदीप ने सेक्टर 13/17 निवासी प्रेम प्रकाश सचदेवा पुत्र प्यारेलाल, उसके बेटे दीपक, जगदीश माटा, उसके बेटे सचिन माटा और प्रेम सब्जी वाला पर सिटी थाने में हत्या का केस दर्ज कराया है।

3 दिन पहले ही आया था घर

गुरबचन सिंह पुत्र जोतसिंह का जवाहर नगर में पंजाब नेशनल बैंक के सामने दो मंजिल का घर है। वह करनाल और पानीपत में गुरुद्वारे में पाठी थे। उनका तहसील कैंप में जोतसिंह गुरुद्वारा भी है। उनके दो बेटे व बहू आठ मरला में किराए पर रहते हैं। गुरबचन कभी-कभी घर पर आते थे। 3 दिन पहले ही वह घर पर आए थे। शुक्रवार रात वह घर पर अकेले थे। सीसीटीवी कैमरे में रात करीब 11:15 बजे एक युवक बाइक पर भागते हुए नजर आ रहा है।

ग्राउंड से दूसरी मंजिल तक बिखरा था खून

हमला पहली मंजिल पर सीढ़ियों के पास हुआ है। गुरबचन दूसरी मंजिल पर कमरे में गए और फिर ग्राउंड फ्लोर पर। पुलिस उनको अस्पताल ले गई। मरने से पहले गुरबचन ने 100 नंबर पर फोन कर कहा कि प्रेम सचदेवा व जगदीश के आदमियों ने हमला कराया है। वह घायल अवस्था में पड़ा है और घर के बाहर का ताला लगा है।

बेटों का है सेठी चौक पर हैंडलूम कारोबार

बड़े बेटे गगनदीप को बेटी पैदा हुई थी। उसे पीलिया था। गुरबचन की साली जो आठ मरला के पास रहती है। उसे देखभाल के लिए अपने आसपास किराए का मकान दिलाया था। तब से गगन, उसकी पत्नी व छोटा भाई इंद्रजीत आठ मरला में रह रहे थे। दोनों भाइयों की सेठी चौक पर तेजिका हैंडलूम के नाम से दुकान हैं।

सीआईए करे मामले की जांच : गगनदीप

गगनदीप ने बताया कि आरोपी जगदीश माटा को पिता ने रुपए दिए थे। उनसे अभी दो से तीन करोड़ रुपए लेने थे। माटा प्रेम सचदेवा के साथ मिलकर रुपए नहीं लौटा रहे थे। पिता की कहीं सुनवाई नहीं हुई। इसी लेनदेन में पिता की हत्या हुई है। बेटे ने कहा कि वे तहसील कैंप चौकी प्रभारी हरनारायण से जांच नहीं कराना चाहते। जांच सीआईए में कराई जाए। बेटे ने बताया कि आरोपी सचदेवा ने 2019 में पिता के खिलाफ हमला करने का केस दर्ज कराया था। बाद में पुलिस ने हत्या की कोशिश की धारा लगाकर पिता को अरेस्ट किया था। 3 माह जेल में रहने के बाद पिता 13 जनवरी को जमानत पर बाहर आए थे।