कल से खुल जाऐंगे दिल्ली से लगते बॉर्डर, दिल्ली के अस्पतालों में दिल्लीवालों का ही इलाज होगा

  • दिल्ली के अस्पतालों में 10 हजार बेड हैं, इनमें से 9 हजार बेड कोरोना के मरीजों के लिए रिजर्व
  • निजी अस्पतालों में भी बाहरी लोग इलाज नहीं करा सकेंगे, स्पेशल सर्जरी करने वाले कुछ अस्पतालों को छूट

नई दिल्ली. 8 जून से दिल्ली से लगने वाली सभी राज्यों की सीमाओं से रोक हट जाएगी। दिल्ली में हरियाणा व यूपी से लोग आराम से आवाजाही कर सकेंगे। किसी तरह के पास की जरुरत नहीं होगी। यह ऐलान दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने किया है।

केजरीवाल ने रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने बताया कि 8 जून से सभी रेस्तरां, मॉल्स और धार्मिक स्थल खुलने जा रहे हैं। कैबिनेट के फैसले के मुताबिक, दिल्ली सरकार के सरकारी अस्पताल और प्राइवेट अस्पतालों में सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। वहीं, केंद्र सरकार के हॉस्पिटल सभी के लिए खुले रहेंगे।

उन्होंने बताया कि पांच लोगों की कमेटी ने विचार विमर्श करके सरकार को अपनी रिपोर्ट दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में जून के अंत तक दिल्ली को 15000 बेड की जरूरत होगी। इनका कहना है कि दिल्ली के अस्पतालों को बाकी लोगों के लिए नहीं खोलने चाहिए। अगर ऐसा किया तो दिल्ली के रिजर्व बेड तीन दिन में भर जाएंगे।

कैबिनेट ने फैसला किया कि हमें संतुलन बनाने की जरूरत है। दिल्ली के अस्पतालों में जो 10 हजार बेड हैं उनमें सिर्फ दिल्ली के लोगों का इलाज होगा। केंद्र सरकार के अस्पतालों के 10 हजार बेड सभी लोगों के लिए खुले रहेंगे। कुछ निजी अस्पताल जो विशेष तरह की सर्जरी करते हैं, जिनकी सुविधा देश के बाकी हिस्सों में नहीं है, वे यहां आकर इलाज करा सकते हैं।

कुछ निजी अस्पताल सबके लिए खुले रहेंगे

केजरीवाल ने कहा कि कुछ निजी अस्पताल जो ऑन्कोलॉजी और न्यूरोलॉजी से जुड़ी विशेष तरह की सर्जरी करते हैं, जिनकी सुविधा देश के बाकी हिस्सों में नहीं है, उनको छूट दी गई है। उनमें देश के बाकी लोग आकर इलाज करा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अभी होटल और बैंक्वेट हॉल खोलने की अनुमति नहीं दी जा रही, हो सकता है कि आगे जरूरत पड़ने पर इन्हें भी अस्पतालों से अटैच करना पड़े।

10 जून से शराब पर से 70% लेवी हटाई जाएगी
दिल्ली सरकार ने यह भी बताया है कि लॉकडाउन के बीच शराब पर जो 70% अतिरिक्त चार्ज लगाया गया था, वह 10 जून से हटा लिया जाएगा।