प्रदेश में 15 दिनों में तीन गुना बढ़े काेरोना केस, 58 फीसदी मरीज गुड़गांव-फरीदाबाद में मिले, 4 जिलों में 100 से 377 तक संक्रमित

  • प्रदेश में 4014 पहुंचे कोरोना संक्रमित मरीज, सोशल डिस्टेंसिंग न करना पड़ रहा भारी
  • सिर्फ 5 जिले ही ऐसे, जहां 50 से कम कोरोना पॉजिटिव मिले

पानीपत. प्रदेश में कोरोना संक्रमण की रफ्तार लगातार बढ़ रही है। पिछले 15 दिनों में संक्रमितों के मामले तीन गुना बढ़ गए हैं। दिल्ली से सटे 5 जिलों में काेरोना ज्यादा कहर बरपा रहा है। अब तक गुड़गांव-फरीदाबाद में प्रदेश के 58 फीसदी मरीज मिले हैं। 4 जिले ऐसे हैं, जहां 100 से 377 लोग तक लोग संक्रमित हुए हैं। वहीं, 10 जिलों में संख्या 50 से 100 के बीच है। मात्र 5 जिले ही ऐसे हैं, जिनमें काेरोना के मरीज 50 से कम हैं।

गौरतलब है कि लॉकडाउन-1 व 2 के दौरान एक माह में कोरोना केस दोगुने हो रहे थे। लॉकडाउन-3 की शुरुआत में भी प्रदेश में मरीजों की संख्या मात्र 188 थी। इसके बाद 15 अप्रैल से 3 मई तक कुल संक्रमित 393 हुए। इसके बाद सरकार ने छूट दी तो कोरोना के मरीज पहले सप्ताह में ही बढ़कर दोगुने (696) हो गए, जो एकदम 22 मई तक बढ़कर एक हजार पहुंच गए। इसके बाद संक्रमण तेजी से फैला। अनलोक-1 में लोगों को जरूरी एहतियात न बरतना भारी पड़ रहा। प्रदेश में अब कुल संक्रमित 4014 हो चुके हैं। बाहरी लोगों की वजह से प्रदेश में एकाएक लोग संक्रमित हो रहे हैं।

इन 5 जिलों में सबसे ज्यादा केस
गुड़गांव, फरीदाबाद, सोनीपत, पलवल, रोहतक। इन जिलों में 120 से लेकर 620 तक लोग संक्रमित हो चुके हैं। इन 5 जिलों में ही कोरोना का ज्यादा प्रभाव है।

इन 10 जिलों में 50-100 के बीच
पानीपत, अम्बाला, करनाल, सिरसा, हिसार, भिवानी, कुरुक्षेत्र, महेंद्रगढ़, रेवाड़ी शामिल हैं। यहां रोज 2 से 20 तक कोरोना पॉजिटिव मरीज बढ़ रहे हैं।

इन 5 जिलों में 50 से कम मरीज
पंचकूला, जींद, फतेहाबाद, यमुनानगर, कैथल में ही सिर्फ 50 से कम मरीज हैं। यहां अब बाहरी लोगों के आने से अचानक लगातार संख्या बढ़ रही है, जिसे रोकना जरूरी है।

यहां 80 से ज्यादा केस
नूंह, अम्बाला, करनाल, हिसार में कोरोना मरीज शतक लगाने के करीब हैं। इन जिलों में तेजी से कोरोना संक्रमण बढ़ रहा है।

प्रदेश में वायरस फैलने की ये हैं 3 बड़ी वजह
तब्लीगी कनेक्शन : दिल्ली से तब्लीगी प्रदेश में घुस गए, जिन्होंने एकाएक संक्रमितों की संख्या बढ़ाई।
दिल्ली कनेक्शन : देश की राजधानी से सटे जिलों के लोग नौकरी के बाद प्रदेश में लौटते रहे। इनमें काफी संख्या में पुलिस वाले भी शामिल हैं। वहीं, जो बाद में घर लौटे, उन्होंने जांच नहीं कराई और एक से 12 लोग तक संक्रमित होते चले गए।
नियमों को तोड़ना : बाहर से लौटे लोगों को सरकार ने 14 दिन के लिए क्वारेंटाइन किया था, लेकिन वे घूमते रहे। जब रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो कई और चपेट में आ चुके थे।

रिकवरी में नूंह, झज्जर और पंचकूला सबसे आगे

प्रदेश में रिकवरी की बात की जाए तो नूंह, झज्जर और पंचकूला सबसे आगे हैं। नूंह में 9, झज्जर में 11 और पंकूचला में सिर्फ 2 ही एक्टिव केस बचे हैं। उल्लेखनीय है कि नूंह के केसों में ज्यादात्तर जमाती शामिल थे, जो दिल्ली से लाैटे थे। वे सभी ठीक हो चुके हैं। अब रोज एकाध नए केस आ रहे हैं, जिनकी रिकवरी बाकी है।

कैथल में बुजुर्ग की मौत, अब तक 31 जानें गईं

प्रदेश में सबसे ज्यादा मौतें अब तक फरीदाबाद में 11 हो चुकी हैं। इसके बाद दूसरे नंबर पर गुड़गांव में 4 मौतें हुई हैं। शनिवार को एक नई मौत कैथल में बुजुर्ग की हुई है। यह जिले में पहली मौत है। राजौंद के 69 वर्षीय बुजुर्ग को पॉजिटिव रिपोर्ट आने पर खानपुर मेडिकल कॉलेज में दाखिल किया गया था। उन्हें बीपी, शुगर के साथ फेफड़ों में तकलीफ भी थी। परिजनों ने उन्हें 3 जून को भर्ती कराया था। कुछ दिन पहले वे घर में गिर गए थे, उन्हें लकवा हो गया था। पहले उनका रोहतक पीजीआई से इलाज चल रहा था। शनिवार देर शाम उनकी मौत हो गई।