नाबालिग का अपहरण कर दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा, 15 हजार जुर्माना

  • दिसंबर 2018 में लापता हुई थी नाबालिग, पुलिस ने बरामद करके दर्ज किया था दुष्कर्म का केस

रेवाड़ी. अतिरिक्त एवं जिला सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने नाबालिग का अपहरण करके दुष्कर्म करने के आरोप में एक आरोपी को 20 साल की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 20 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है और जुर्माना अदा नहीं करने की स्थिति में तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

जाटूसाना थाना क्षेत्र का था मामला
दिसंबर 2018 में जाटूसाना थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने मामला दर्ज कराते हुए बताया था कि उसकी 15 वर्षीय बेटी घर से अचानक लापता हो गई। शिकायत में पिता ने गांव जखाला निवासी पवन पर बेटी को बहल-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने अपहरण सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी थी।
तत्पश्चात पुलिस ने कुछ दिनों के बाद नाबालिग को बरामद करके आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया था। नाबालिग का बयान दर्ज करने के बाद पुलिस ने आरोपी पवन पर अपहरण के साथ दुष्कर्म का भी मामला दर्ज कर लिया और इस प्रकरण की जांच करने के बाद अदालत में आरोपी के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया था।

पुलिस द्वारा मामले मंे की गई जांच और साक्ष्य व गवाहों के बयान दर्ज करने के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश कुलदीप सिंह की अदालत ने आरोपी को दोषी करार दे दिया था। आरोपी पवन को दोषी करार देने के बाद अदालत ने शुक्रवार को 20 साल की कैद व 15 हजार रुपये का जुर्माना की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं भरने पर दोषी को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।