झज्जर के बाद रेवाड़ी के 15 सरकारी स्कूलों में बनेंगे ई-पुस्तकालय

  • ग्राम पंचायतें, स्कूल व सामाजिक प्रतिनिधि पुस्तकालयों के विकास में प्रयास करेंगे

झज्जर. झज्जर और गुरुग्राम जिले के बाद अब रेवाड़ी जिले के गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल तातारपुर, गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल हंसका व गवर्नमेंट सीनियर सेकंडरी स्कूल श्योराज माजरा में हाल ही में ई- पुस्तकालय विकास किया है। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र विनोद यादव ने बताया कि ये पुस्तकालय हरियाणा में अल्ट्रा-आधुनिक पुस्तकालय हैं। जिनकी छत पर सौर पैनलों शक्ति है। ये तीनों पुस्तकालय होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया प्राइवेट लिमिटेड सीएसआर की मदद से विकसित किए गए हैं। कोरोना महामारी स्थिति सामान्य होने के बाद ग्राम पंचायतें, स्कूल और सभी सामाजिक प्रतिनिधि की मदद से रेवाड़ी जिले के 15 स्कूलों में पुस्तकालयों के विकास में प्रयास करेंगे।

झज्जर के पलड़ा गांव से सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए खासतौर पर ई-लाइब्रेरी स्थापित किए जाने की शुरुआत 19 फरवरी 2019 से दिल्ली आईआईटी एलुमनी एसोसिएशन से जुड़े पूर्व छात्रों के सहयोग से हुई थी। पलड़ा गांव की ई-लाइब्रेरी, आईआईटी के छात्र रहे आनंद भूषण के 5 लाख रुपए के सहयोग से तैयार हुई थी।

इसके बाद गुरुग्राम के पहाड़ी गांव के उच्च माध्यमिक स्कूल में आईआईटी दिल्ली एलुमनी एसोसिएशन ने तेल और प्राकृतिक गैस निगम सीएसआर, पंचायत और गांव के लोगों की मदद से ई-लाइब्रेरी तैयार की। आईआईटी दिल्ली के पूर्व छात्र विनोद यादव ने बताया कि यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में प्रतियोगी परीक्षाओं व गुणवत्ता शिक्षा के प्रति जागरूकता लाने के लिए व गांव के बच्चों के लिए उचित वातावरण व संसाधन प्रदान करने के लिए मार्गदर्शन का कार्य करेगी।

गांव के बच्चों में बहुत प्रतिभाएं है, लेकिन जागरूकता व संसाधनों के अभाव में ज्यादातर विद्यार्थी अपने सामर्थ का उपयोग नहीं कर पाते। गुणात्मक शिक्षा सशक्तिकरण व ज्ञानवर्धन का सबसे शक्तिशाली साधन है। प्रत्येक भारतीय को पुस्तकालयों के विकास से उन्हें सक्षम वातावरण प्रदान करके छात्रों में सीखने की आदत की भावना फैलानी चाहिए। विनोद यादव ने बताया कि छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए न्यूनतम बुनियादी ढांचा व वातावरण प्रदान करना संबंधित स्कूल प्रमुख व ग्राम पंचायत सरपंच की जवाबदेही है।