कोविड-19 परिस्थिति में विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर एबीवीपी ने शिक्षामंत्री को सौंपा 12 सूत्रीय मांगपत्र

  • जनसंपर्क अभियान के माध्यम से प्रदेश भर के 9571 विद्यार्थियों से व्यक्तिगत कॉल कर जानी समस्याएं

रेवाड़ी. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की ओर से शिक्षा मंत्री कंवरपाल गुर्जर को 12 सूत्री ज्ञापन सौंपा गया। जिसमें शिक्षा से जुड़े विभिन्न प्रयोग पर अपने सुझाव दिए हैं। ज्ञापन में कोविड-19 की परिस्थिति से निपटने के लिए उपायों की मांग भी की है।

एबीवीपी के प्रदेश मंत्री सुमित जागलान ने बताया कि अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद ने व्यापक संपर्क अभियान के माध्यम से प्रदेश भर के 9571 विद्यार्थियों से व्यक्तिगत कॉल के माध्यम से संपर्क कर उनकी समस्याओं को जाना एवं समस्याओं के समाधान के लिए सुझाव भी मांगे। इसी के आधार पर एबीवीपी हरियाणा के शिष्टमंडल जिसमें प्रांत अध्यक्ष प्राध्यापक राजेंद्र धीमान, प्रांत मंत्री सुमित जागलान, प्रांत उपाध्यक्ष डॉ. आशुतोष कुमार व डॉ. रमेश परमार ने शिक्षा मंत्री को यह 12 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा है। इसमें शिक्षा क्षेत्र से संबंधित विभिन्न समस्याओं के समाधान पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश मंत्री जागलान ने कहा कि संगठन समय-समय पर विद्यार्थियों को आ रही समस्याओं को उजागर ही नहीं करता, बल्कि उनके समाधान के लिए सुझाव भी देता है। आज इस महामारी की स्थिति में एबीवीपी ने विभिन्न क्षेत्रों में अग्रिम भूमिका निभाई है। यह मांगपत्र शिक्षा मंत्री के साथ ही राज्यपाल और मुख्यमंत्री को भी भेजा गया है।

यह दिए गए सुझाव

  • ऑफलाइन और ऑनलाइन परीक्षाओं की अपेक्षा कैरी ओवर, ओपन बुक परीक्षा, प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करना, सतत विद्यार्थी मूल्यांकन, इन-हाउस परीक्षा सहित विभिन्न परीक्षा पद्धतियों को अपनाया जाए।
  • विश्वविद्यालयों द्वारा तत्काल परीक्षाओं से संबंधित विषय स्पष्ट किया जाए एवं नया अकादमिक सत्र कैलेंडर तत्काल जारी किया जाए।
  • गैर तकनीकी कक्षाओं(बीए, बीएससी, बीकॉम) में सेमेस्टर प्रणाली को समाप्त करके वार्षिक परीक्षा प्रणाली अपनाई जाए।
  • परीक्षाओं से कम से कम 1 माह पूर्व डेटशीट जारी की जाए।
  • विद्यार्थियों के लिए बीमा नीति लागू की जाए।
  • विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए आयु एवं शैक्षिक योग्यता में छूट प्रदान की जाए।
  • सामाजिक एवं आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों का 1 वर्ष का शुल्क माफ किया जाए।
  • कमजोर इंटरनेट कनेक्टिविटी वाले स्थानों पर डाक के माध्यम से पाठ्य सामग्री उपलब्ध कराई जाए।
  • -सार्वजनिक परिवहन उपलब्ध होने के पश्चात ही परीक्षा कराई जाए।
  • अगले सत्र के लिए छात्रवृत्ति एवं अध्येतावृत्ति बढ़ाई जाए।
  • प्रदेश के सभी शिक्षण संस्थानों को अच्छी तरह सेनिटाइज किया जाए।
  • नई परिस्थितियों में खेलकूद एवं सांस्कृतिक गतिविधियों की नई राह तलाशने की मांग करती है।