सरकार ने जिला प्रशासन से पूछा, बाढ़ के हालात बने तो बचाव के लिए क्या तैयारी की

  • लाॅकडाउन के कारण नालाें व सीवर की सफाई पर्याप्त नहीं हाे पाई है

पानीपत. 25 जून तक मानसून आ जाएगा और उसके साथ ही शहर पानी-पानी हाे जाएगा, क्याेंकि इस बार लाॅकडाउन के कारण नालाें व सीवर की सफाई पर्याप्त नहीं हाे पाई है। अब जागी सरकार ने जिला प्रशासन के माध्यम से नगर निगम व पब्लिक हेल्थ काे निर्देश दिए हैं कि 20 जून तक नालें व सीवर की सफाई कर विस्तृत रिपाेर्ट भी दें। साथ ही बताना हाेगा कि शहर काे बाढ़ जैसे हालातों से कैसे बचाकर रखेंगे।

पब्लिक हेल्थ के पास एक ही सुपर शकर मशीन हैं। इसके अलावा एक अन्य ताे पूरी तरह कंडम पड़ी है। जाे चालू थी वह 2 दिन से खराब है। इसे ठीक करने काे दिल्ली से मैकेनिक आएंगे। अधिकारियाें का कहना है कि काेराेना के संकट में दिल्ली वाले मैकेनिक कब आएंगे, यह कहना मुश्किल है।

डीसी ने अधिकारियों को दिए सफाई के निर्देश
सरकार ने जिला प्रशासन के माध्यम से नगर निगम व पब्लिक हेल्थ से शहर की तैयारियां पूछी है। इसके लिए 20 जून तक का समय दिया है। प्रशासन काे बताना हाेगा कि बरसाती पानी निकासी की क्या-क्या तैयारियां हैं। पत्र अाते ही डीसी ने भी संबंधित विभागीय अधिकारियाें काे बुला सफाई पर जाेर देने के निर्देश दिए हैं।
इन क्षेत्राें में हाेते हैं

ज्यादा हालात खराब
शहर के जीटी राेड, इंसार बाजार, सनाैली राेड, कुटानी राेड, तहसील कैंप, ओल्ड इंडस्ट्री एरिया, वीवर्स काॅलाेनी व इंद्रा काॅलाेनी में सबसे ज्यादा हालात खराब हाेते हैं। ओल्ड इंडस्ट्री एरिया के गंदे पानी की निकासी के ताे अभी तक काेई उचित प्रबंध ही नहीं किए गए हैं।

शहर में सीवर लाइन की लंबाई और संसाधन
शहर में सीवर लाइन की लंबाई करीब 300 किलोमीटर है। इनकी सफाई के लिए पब्लिक हेल्थ के पास अभी काेई साधन नहीं है। गलियां, नालें व सीवर अाेवरफ्लाे हाेने पर पानी निकालने के लिए 500 डीजल इंजन सेट, 3 इलेक्ट्रिकल माेटर हैं। शेष सीवर में अब कर्मचारियाें का उतरना ताे पूरी तरह से बैन है।

इन पर ध्यान देने की जरूरत
नालें व सीवर पशु डेयरी के गाेबर व मलमूत्र से जाम हाेते हैं। इस पर काेई कंट्राेल नहीं है। मुख्य रूप से किशनपुरा, तहसील कैंप, आजाद नगर, सालार गंज गेट, शिव नगर व किला क्षेत्र में पशु डेयरियां बहुत ज्यादा हैं। यहां गाेबर बहुत ज्यादा बहाते हैं।

शहर में 300 नाले, 100 कर्मचारी भर्ती
शहर में नालाें की संख्या 300 तक हैं। इनकी सफाई के लिए निगम ने स्पेशल 100 कर्मचारियाें का नाला गैंग भर्ती कर रखा है। पार्षद सुमन छाबड़ा का कहना है कि यह नाला गैंग पूरे शहर में कहीं पर नजर नहीं आता। ना लाॅक डाउन से पहले नजर आता था और न अब लाॅक डाउन खुलने के बाद नजर आता है।

शहरवासियाें से अपील है कि वे शहर काे स्वच्छ रखने में सहयाेग करें। पॉलीथीन ताे बिल्कुल ही कहीं खुले में न फेंके, क्याेंकि इनसे ही नाले व सीवर जाम हाेते हैं। खराब मशीन भी एक-दाे दिन में ठीक हाे जाएगी।
भूपेंद्र सिंह, एसडीओ, पब्लिक हेल्थ
इस समय नालाें की सफाई पर ही जाेर दिया जा रहा है। निगम ने इसके लिए विशेष रूप से नाला गैंग भी बनाया हुआ है। 20 जून से पहले बरसाती पानी की निकासी के हर उचित प्रबंध कर लिए जाएंगे।
महावीर सिंह, एसई, नगर निगम पानीपत।