लॉकडाउन में चलाया कैंपेन, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सैकड़ों को सब्जियां उगाने के लिए कर दिया ट्रेंड

  • पानीपत के आर्य कॉलेज महाविद्यालय में बॉटनी के लेक्चरर डॉ. बलकार ने साल में 1 हजार लोगों को ट्रेंड करने का ले रखा है टारगेट
  • इसी तरह करनाल के सिविल कॉन्ट्रेक्टर रामबिलास सिंह ने छत पर गार्डनिंग और सब्जियां उगाने के लिए शुरू कर रखी है मुहिम

पर्यावरण दिवस के दिन पर्यावरण बचाने की बातें जरुर होती हैं लेकिन कुछ लोग ऐसे भी हैं, जिनके लिए हर दिन पर्यावरण दिवस है। वे इसे बचाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। ऐसी ही शख्सिय में शुमार हैं पानीपत के आर्य कॉलेज के लेक्चरर बलकार सिंह और करनाल के सिविल कॉन्ट्रेक्टर रामबिलास सिंह। दोनों में एक समानता ये है कि लॉकडाउन के दौरान से ही दोनों वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से लोगों को गार्डनिंग और घर में सब्जियां उगाने की ट्रेनिंग दे रहे है। 1 से 2 घंटे की क्लास हर दिन होती है। सैकड़ों लोग इसका फायदा उठा चुके हैं। इनकी क्लास में न केवल इनके जिलों, बल्कि हरियाणा और देशभर के लोग जुड़े हुए हैं।

डॉक्टर बलकार द्वारा तैयार घीया की बेल। उन्होंने पिछले दिनों ड्राइव चलाई थी कि कोई भी घर आओ और घीया की बेल ले जाओ।

डॉ. बलकार का संकल्प हर साल 100 छात्र और 1 हजार आम लोग हो गार्डनिंग और सब्जियां उगाने में आत्मनिर्भर
पानीपत के आर्य कॉलेज में बतौर बॉटनी के लेक्चरर डॉ. बलकार कॉलेज में पढ़ाने के साथ-साथ छात्रों को पेड़-पौधों व सब्जियां उगाने के लिए भी ट्रेनिंग देते हैं। हर साल उनका टारगेट रहता है कि कॉलेज में पढ़ने आए कम से कम 100 छात्र और 1 हजार आम आदमियों को इसकी ट्रेनिंग दी जाए। इस लॉकडाउन में वे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से लोगों को गार्डनिंग और छतों पर सब्जियां उगाना सिखा रहे हैं। वे ग्रुप बनाकर इसकी ट्रेनिंग दे रहे हैं। एक ग्रुप 10 दिन चलता है, जिसे हर दिन 2 घंटे की वीडियो पर ट्रेनिंग दी जाती है। इसके साथ-साथ लॉकडाउन में जब लोगों को सब्जियों का संकट था तो उन्होंने मुफ्त में घीया और तोरी की बेल तैयार करके लोगों को वितरीत की। इसके साथ-साथ अब नीम और पीपल मुफ्त में वितरित कर रहे हैं। वे साल में दो बार स्नेह सम्मेलन आयोजित करते हैं, जिसमें 100 के करीब लोग जुटते हैं और किसी एक स्थान पर पौधारोपण करते हैं।

रामबिलास सिंह ने अपने घर की छत पर गार्डन बना रखा है। वे यहां हर तरह के फूल और सब्जियां उगाते हैं। अपने गार्डन के बीच बैठे रामबिलास सिंह।

रामबिलास सिंह ने लॉकडाउन में सैकड़ों को बनाया आत्मनिर्भर, अपने घर की चौथी मंजिल पर उगा रखी है हर सब्जी
पेशे से सिविल कॉन्ट्रेक्टर करनाल के रामबिलास सिंह को पेड़-पौधों से बहुत लगाव है। लगाव इतना है कि उन्होंने अपने घर की चौथी मंजिल पर फूलों के साथ-साथ घीया, तोरी, ककड़ी, भिंडी, खरबूजा, करेला, टमाटर, हरी मिर्च भी उगा रखी हैं। पिछले दिनों उन्होंने स्ट्राबेरी भी गमलों में उगाई थी। ऐसा नहीं कि रामबिलास इस शौक को अपने तक सीमित किए हुए हैं। वे दूसरों को भी जा

रामबिलास सिंह के घर की छत पर उगी घीया की बेल। उनकी छत पर भिंडी, टमाटर, हरी मिर्च, तोरी आदि भी उगी हुई हैं।

गरुक कर रहे हैं। लॉकडाउन में उन्होंने भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हर दिन 2 घंटे की क्लास ली। इस क्लास में करनाल ही नहीं, प्रदेश और दूसरे राज्यों के लोगों ने जुड़कर गार्डनिंग और सब्जी उगाने के हुनर उनसे सीखे हैं। लॉकडाउन में उन्होंने हर दिन दो घंटे लोगों को सिखाया तो अनलॉक हो जाने के बाद शनिवार और रविवार को दो घंटे की क्लास ले रहे हैं। इस ट्रेनिंग में वे गमलों में सब्जी उगाने, मिट्टी, पानी, कंपोस्ट आदि सब की जानकारी दे रहे हैं।