नाबालिग का अपहरण करने के आरोपी ने फांसी लगा की आत्महत्या

  • मामा के लड़के के साथ मिल किया था अपहरण

सोनीपत. कुंडली थाना के एक गांव में नौंवी की एक छात्रा का उसी के मुंहबोले भाई ने अपने ममेरे भाई के साथ मिलकर अपहरण किया था। इस मामले में आरोपी ने मधुबन के बाल सुधार गृह में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। देर शाम आरोपी का शव गांव में पहुंचा और उसका अंतिम संस्कार किया गया।
कुंडली थाना के एक गांव की नाबालिग का घर से अपहरण करने के आरोपी को पुलिस ने 1 जून को गिरफ्तार कर बाल सुधार गृह में भेज दिया था। जहां उसका कोरोना टेस्ट कराने के बाद क्वारंेटाइन किया गया था। आरोपी ने चद्दर से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

घर का इकलौता था, एक भाई की पहले हो चुकी है मौत, परिजनों ने कहा झूठा फंसाया था : मृतक के परिजनों ने कहा कि उनके बेटे को झूठे केस में फंसाया गया था। इसमें नाबालिग व उसके परिजनों की मिलीभगत थी। उन्होंने पुलिस के सामने एक झूठी कहानी बताई थी। उनका बेटा बेकसूर था। इसी वजह से वह बेइज्जती सहन नहीं कर सका और उसने आत्महत्या कर ली।

कुंडली थाना के एक गांव में नौवीं की छात्रा के घर पर पड़ोसी युवक का आना-जाना था। वह उसे परिवार के सामने मुंहबोली बहन बुलाता था। परिवार के लोगों का भी विश्वास जीत लिया था। उसने अपने मामा के लड़के के साथ मिलकर छात्रा के अपहरण की योजना बनाई थी। चाय में नशीली गोली मिलाकर लड़की को बेहोश किया गया।

यह है पूरा मामला

अपने ममेरे भाई के साथ मिलकर नाबालिग का अपहरण कर लिया था। वे उसे पहले मामा के घर दुल्हेड़ा गांव में ले गए। जहां से उसे राजस्थान ले जाने के लिए रवाना हुए। झज्झर के जटवाड़ा गांव के पास पहुंचे तो लड़की की बेहोशी टूट गई। वह बाइक से नीचे कूदी और शोर मचा दिया। ग्रामीणों को एकत्रित होते देख आरोपी फरार हो गए। इस पूरे प्रकरण में दुल्हेड़ा गांव निवासी अंकित ने दोनों आरोपियों की पैसे से मदद की थी। वह दोनों को राजस्थान तक पहुंचाने की प्लानिंग में भी शामिल रहा था।