नाथूपुर की 1 फैक्ट्री से 6 गांवों में पहुंचा संक्रमण, ग्रामीणों ने कहा-फैक्ट्रियाें के खुलने से खतरा बढ़ा, सतर्क रहने की जरूरत

  • ग्रामीणों ने कहा- किसी तरह अपने गांव को कोरोना से बचाकर रखा था, एक फैक्ट्री की वजह से पूरा गांव परेशान हो गया

सोनीपत. ग्रामीणों को जिसका डर था, वैसा ही हुआ। ग्रामीण पहले ही कह रहे थे कि जिस दिन ये फैक्ट्रियां व बाजार खुलेगा, एकदम बीमारी बढ़ेगी। ग्रामीणों का डर अब सच साबित हो रहा है। नाथूपुर गांव की एक फैक्ट्री की वजह से राई विधानसभा क्षेत्र के 6 गांव सील हो चुके हैं। फैक्ट्री मालिक की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही है। इन छह गांवों में जो कोराेना पॉजिटिव मिले हैं। वे इसी फैक्ट्री में काम कर करते थे। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के लोग काफी जागरूक थे और अपने गांव को इस बीमारी से बचाए हुए थे, लेकिन एक फैक्ट्री की वजह से अब उनके गांव सील हो चुके हैं। सरकार व प्रशासन की नजर में उनका गांव आ चुका है।

फैक्ट्री मालिक पर केस दर्ज कराने की मांग

नाथूपुर निवासी एवं समाजसेवी राकेश खापरा ने कहा कि फैक्ट्री मालिक ने लापरवाही बरती है। प्रशासन से सच्चाई छुपाई गई है। फैक्ट्री मालिक ने प्रशासन को एक झूठी रिपोर्ट भी दी थी। जिसमें सभी श्रमिकों की कोरोना रिपोर्ट कराने का हवाला दिया था। जब फैक्ट्री के बड़े अधिकारियों ने दिल्ली में टेस्ट कराए तो पाॅजिटिव मरीजों की संख्या सोनीपत प्रशासन के संज्ञान में आई। उसके बाद फैक्ट्री को सील किया गया और सभी संक्रमितों को क्वारंटाइन किया गया।

फैक्ट्री मालिक की लापरवाही ग्रामीणों पर भारी पड़ रही

  • नाथूपुर : नाथूपुर निवासी राकेश खापरा ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ पूरा गांव एकजुट है और जागरूकता से इस कोरोना जैसी महामारी के खिलाफ जंग लड़ रहा था। उनके गांव की एक फैक्ट्री में काम करने वाले श्रमिक कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। इस वजह से गांव में कोरोना ने दस्तक दी है। ग्रामीण अभी भी कोरोना को हराने के लिए सोशल डिस्टेंसिंग, माक्स व सैनिटाइजर का प्रयोग कर रहे हैं।
  • सबोली : सबोली निवासी उमेश गुलिया ने कहा कि उनका गांव नाथूपुर की सीमा के साथ लगता है। हमारा गांव काेरोना वायरस फैलने से बचा हुआ था। गांव में नाथूपुर की इसी फैक्ट्री के श्रमिक किराए पर रहते थे। श्रमिकों में ही कोराेना पॉजिटिव मिले हैं। अब पूरा गांव सील हो चुका है। किराएदारों की वजह से गांव के अन्य कई लोगों के भी सेंपल लिए गए हैं।
  • पावसरा : पावसरा गांव निवासी पूर्व सरपंच ब्रह्मपाल भारद्वाज ने कहा कि गांव के लोग काफी जागरूक हैं। एक दूसरे को कोरोना के प्रति जागरूक कर रहे थे। दिल्ली नौकरी करने वालों ने भी काम पर जाना बंद कर दिया था। नाथूपुर की फैक्ट्री एेसी खुली कि हमारे गांव में भी कोरोना बीमारी आ गई। गांव में यह वायरस फैक्ट्री में काम करने वाले में मिला है।
  • राई : राई गांव निवासी प्रमोद ने बताया कि गांव कोरोना वायरस कोसो दूर था। गांव में अब कई मरीज पॉजिटिव मिल चुके हैं। गांव से करीब 20 लोगों को क्वरेंटाइन किया जा चुका है। गांव पहले ही सचेत थे। इसलिए वे किराएदारों से ज्यादा संपर्क नही कर रहे थे। जैसे ही फैक्ट्रियां खुली तो अचानक से गांव में कोरोना वायरस से संक्रमितों की संख्या में इजाफा हो गया।
  • जाखौली : जाखौली निवासी दयानंद चौहान ने कहा कि 45 से ज्यादा लोगों के सेंपल हुए थे। दो पॉजिटिव हैं। गांव के लोग समझदारी से काम ले रहे हैं। कोरोना से डरने की जरूरत नहीं है, लेकिन लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है। लोगों को सजग रहना हाेगा और सजगता के साथ सरकार की गाइडलाइन का पालन करना चाहिए।
  • कुंडली : कुंडली गांव में भी कोरोना पॉजिटिव संक्रमित मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। कुंडली के कुछ युवा भी नाथूपुर की फैक्ट्री में काम करते थे। कुंडली निवासी एवं सरपंच मनीष खत्री ने कहा कि गांव के लोगों ने प्रवासी श्रमिकों की काफी मदद की थी। श्रमिकों को प्रशासन की तरफ से भोजन व राशन मुहैया कराया गया। फैक्ट्री खुलने के बाद कोरोना पॉजिटिव की संख्या बढ़ने से ग्रामीण और ज्यादा सचेत हो गए हैं।