आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति में धांधली के आरोप पर जींद के सिविल सर्जन सस्पेंड

  • आयुर्वेदिक मेडिकल ऑफिसर (एएमओ) की नियुक्ति पर स्थानीय विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने उठाए थे सवाल
  • भटनागर कॉलोनी की कैंडिडेट प्रीति ने भर्ती में धांधली के आरोप लगाए थे

जींद. जींद के सामान्य अस्पताल में एनएचएम के तहत हुई आयुष एएमओ भर्ती में धांधली तथा स्थानीय विधायक के साथ तनातनी की गाज सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान पर गिरी है। स्वास्थ्य विभाग ने उन्हें रूल सात के तहत सस्पेंड कर पंचकूला हैडक्वार्टर सेवाएं देने के लिए कहा है। डॉ. जयभगवान जाटान के स्थान पर युमनानगर के सामान्य अस्पताल में पीएमओ पद पर कार्यरत डॉ. मनजीत सिंह को सिविल सर्जन जींद लगाया गया है।

क्या था मामला

  • पिछले दिनों सामान्य अस्पताल में एनएचएम के तहत आयुष एएमओ समेत विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां की गई थी। जिसमें धांधलियों के आरोप सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान पर लगे थे। विधायक डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने भी सिविल सर्जन पर धांधली के आरोप लगाते हुए स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज तथा स्वास्थ्य विभाग के निदेशक को शिकायत दी थी।
  • भर्ती धांधली की जांच एडीसी द्वारा की गई थी। जिसमें भर्ती को पारदर्शी बताया था। आयुष एएमओ मुआना भर्ती में पेंच फंसा हुआ था, जिसके चलते उसे रद्द कर दिया गया था। मामले की जांच स्वास्थ्य विभाग द्वारा भी गई थी। आयुष एएमओ भर्ती में कुछ घटना इस प्रकार सामने आई की वहां पर डॉ. संगीता डयूटीरत रही थी। जो मातृत्व अवकाश पर थी, सिविल सर्जन कार्यालय ने मुआना एएमओ के पद को खाली दिखा रिक्तयां जारी कर दी। जिस पर डॉ. संगीता ने हाईकोर्ट की शरण ली और उस पर स्टे ले लिया।
  • बावजूद इसके नई नियुक्तियों में आयुष एएमओ मुआना में सोनीपत की एक महिला चिकित्सक को नियुक्त कर दिया गया। उसी एएमओ पद की दावेदार रही डॉ. प्रीति ने धांधली की आवाज उठाई और शिकायत विधायक के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग को की। प्रीति का आरोप था कि स्थानीय होने का उसे कोई लाभ नहीं दिया गया, जबकि नियमानुसार उसे लाभ दिया जाना था। जबकि नियुक्त की गई एएमओ से उसके अंक भी ज्यादा थे।
  • स्वास्थ्य विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने जांच की तो पाया गया कि जब पूर्व में एएमओ रही डॉ. संगीता ने रिजाइन नहीं किया, उसने अदालत में याचिका डाली हुई है। बावजूद इसके एएमओ आयुष पद को खाली दिखा कर नियुक्तियां निकाली गई, फिर मैरिट को दरकिनार कर उस पद पर भर्ती कर दी गई।
  • जांच रिपोर्ट में दोषी पाए जाने पर सिविल सर्जन डॉ. जयभगवान जाटान को रूल सात के तहत स्वास्थ्य विभाग के अतिरिक्त चीफ सेकेटरी राजीव अरोड़ा ने पत्र क्रमांक 7/32/2020-2 एचबीआई के तहत निलंबित कर मुख्यालय पर सेवाएं देने के लिए कहा है।