हरियाणा में अब एक छत के नीचे होंगे कृषि, खाद्य, मिट्टी, पानी, पर्यावरण के मानकों का परीक्षण

  • सीएम ने एनएबीएल द्वारा मान्यता प्राप्त लैब की स्थापना को मंजूरी दी

चंडीगढ़. हरियाणा के अब हर जिले में एक छत के नीचे कृषि, खाद्य, मिट्टी, पर्यावरण, स्वास्थ्य और पानी आदि से संबंधित मानकों का परीक्षण किया जा सकेगा। इसको लेकर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने राज्य के प्रत्येक जिले में केंद्रीकृत/ बहुउद्देशीय परीक्षण सुविधा के लिए राष्ट्रीय परीक्षण और अंशशोधन प्रयोगशाला प्रत्यायन बोर्ड (एनएबीएल) द्वारा मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।

एक सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि वर्तमान में करनाल, गुरुग्राम, कुरुक्षेत्र और कैथल जिलों में केवल चार एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं संचालित हैं, लेकिन यह प्रयोगशालाएं केवल पीने योग्य पानी की गुणवत्ता का परीक्षण कर रही हैं। अब मुख्यमंत्री की इस मंजूरी के बाद यह चार प्रयोगशालाएं बहुउद्देशीय परीक्षण प्रयोगशालाओं में अपग्रेड की जाएंगी।

प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में मुख्यमंत्री मनोहर लाल की अध्यक्षता में ‘जल जीवन मिशन’ की कार्य योजना पर चर्चा के संबंध में एक बैठक आयोजित की गई थी। बैठक के दौरान मुख्यमंत्री को अवगत कराया गया कि चार एनएबीएल मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाएं पहले से ही संचालित हैं और अन्य 18 जिलों में इनकी स्थापना की जानी है। बैठक में मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को 18 जिलों में एक केंद्रीकृत/बहुउद्देशीय परीक्षण सुविधा वाली प्रयोगशाला स्थापित करने और पहले से संचालित चार प्रयोगशालाओं को भी अपग्रेड करने के निर्देश दिए थे।