सुप्रीम कोर्ट ने कहा- दिल्ली, हरियाणा और यूपी के लिए एक पास हो, 1 सप्ताह में निर्णय लेने को कहा 

  • दिल्ली पुलिस अब भी हरियाणा से आने वाले लोगों को रोक रही
  • मूवमेंट पास और आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों को ही जाने दिया जा रहा दिल्ली

नई दिल्ली. दिल्ली से लगते हरियाणा और यूपी के बॉर्डर पर जारी गतिरोध को खत्म करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, दिल्ली, उत्तरप्रदेश और हरियाणा के अधिकारियों के साथ एक बैठक करने के निर्देश दिए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को दिल्ली और पड़ोसी राज्यों के बीच इंटर स्टेट यातायात की अनुमति देने के संबंध में आम सहमति बनाने के आदेश भी दिए हैं। कोर्ट ने एक सप्ताह के भीतर इस संबंध में निर्णय लेने को कहा है।

गुरुग्राम निवासी रोहित भल्ला ने दिल्ली से लगते हरियाणा और उत्तर प्रदेश की सीमाओं को सील करने को चुनौती दी थी। उन्होंने इस कदम को असंवैधानिक बताया था क्योंकि इसने अनुच्छेद 19 के तहत यात्रा करने के अधिकार को प्रभावित किया। उन्होंने ध्यान दिलाया था कि बीमार लोगों को मिलने के लिए दिल्ली जाने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए यह बहुत भ्रम और कठिनाइयों का कारण है।

इस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर के शहरों में लोगों की आवाजाही के लिए एकीकृत व्यवस्था बनाने को कहा है। कोर्ट ने कहा कि इसके लिए एक समान नीति, एक ही पोर्टल जैसी व्यवस्था हो. एक पास जारी हो जिसकी हरियाणा, यूपी और दिल्ली में मान्यता हो। कोर्ट ने 1 हफ्ते में इस बारे में कदम उठाने को कहा है। सॉलिस्टर जनरल ने कहा है कि इसे लेकर जल्द ही बैठक की जाएगी।