मनु शर्मा की रिहाई से ‘पंडित जी’ को होगा बड़ा फायदा, सियासी शतरंज का माहिर खिलाड़ी है बेटा

मनु शर्मा सियासी शतरंज का माहिर खिलाड़ी है। इसी वजह से एक बार फिर जेसिका लाल हत्याकांड के दोषी मनु की रिहाई से पंडित जी के राजनीति में कमबैक करने की बात कही जा रही है। खुद उनकी रिहाई से पूर्व केंद्रीय मंत्री का हर कार्यकर्ता उत्साहित है। ज्यादातर कार्यकर्ताओं का कहना है कि मनु की रिहाई से कांग्रेस सरकार में पॉवरफुल मंत्री रहे विनोद शर्मा फिर से अपनी खोई सियासी साख हासिल करेंगे।

अंबाला शहर विधानसभा सीट से अपने पिता को कांग्रेस की टिकट पर लगातार दो बार चुनाव जितवाने में मनु की ही अहम भूमिका थी। जेल में होने के कारण तीसरे चुनाव में वे कोई मदद नहीं कर पाए इस वजह से शर्मा को करारी शिकस्त झेलनी पड़ी। हालांकि तीसरा चुनाव उन्होंने कांग्रेस छोड़कर खुद की पार्टी के बैनर तले लड़ा था। तब भाजपा के मौजूदा विधायक असीम गोयल बाजी मार ले गए थे। इस बार शर्मा मैदान में ही नहीं आए।
मनु शर्मा बेशक कोई चुनाव न लड़े हो लेकिन राजनीति की उन्हें अच्छी जानकारी है। पिता विनोद शर्मा के लिए पर्दे के पीछे मनु ही हर बार सियासी बिसात बिछाते थे। इसके कारण विनोद शर्मा को जीत हासिल करने में कभी मुश्किल नहीं हुई। मनु की रिहाई के साथ ही अब शर्मा परिवार फिर से कमबैक कर सकता है। इसके लिए खुद मनु के नए सिरे से परिवार के लिए सियासी जमीन तैयार करने की बात कही जा रहा है।
अंबाला शहर विधानसभा में अभी विनोद शर्मा के पास पुराने कार्यकर्ताओं की फौज है। शर्मा के चुनाव न लड़ पाने के कारण इस बार ये कार्यकर्ता बिखर गए हैं। लेकिन मनु में इन्हें एकजुट करने का पूरा दम है। पिता की सेहत ठीक न होने के कारण अब उनके अपनी मां शक्ति रानी शर्मा को राजनीति में उतारने की बात कही जा रही है। शक्ति रानी खुद जनचेतना पार्टी से कालका सीट से चुनाव लड़ चुकी हैं। अंबाला शहर की हर गली कूचे की राजनीति का उन्हें लंबा अनुभव है।