पीओएस सिस्टम बंद करने के राशन वितरण में खूब हो रही है मनमानी, किसी को गेहूं कम तो किसी को दाल ही नहीं मिली

  • खाद्य आपूर्ति विभाग के पास बावल, खोल व धारूहेड़ा क्षेत्र के डिपो होल्डर की पहुंची सर्वाधिक शिकायतें

रेवाड़ी. कोरोना महामारी में जरूरतमंद परिवारों को मदद के तौर पर राशन दिया जा रहा है, वहीं सरकार की तरफ से बीपीएल सहित अन्य कार्डधारकों को दिए जाने वाले राशन में काफी परेशानी आ रही है। सरकार की तरफ से तीन माह तक माह में दो बार राशन वितरण का आश्वासन दिया था, लेकिन अधिकतर परिवारों को यह सामग्री पूरी ही नहीं मिली है, जिसके चलते डिपो होल्डर के खिलाफ शिकायतें भी लगातार बढ़ती जा रही है। विभाग के पास अभी तक ऐसे डिपो होल्डरों की लगभग 200 शिकायतें आ चुकी हैं। जिन पर सही राशन वितरण नहीं करने का आरोप लगा हैं।

सरकार द्वारा कोविड के मद्देनजर अप्रैल-मई माह में दो-दो बार राशन का वितरण कराया गया था ताकि ऐसे जरूरतमंद परिवार जिनका परिवार मजदूरी पर आश्रित हो उन्हें परेशानी का सामना नहीं करना पड़े। इसके लिए सरकार की तरफ से एलोकेशन भी जारी कर दी गई बावजूद इसके लचर सिस्टम का लाभ उठाने वाले इन जरूरतमंदों को लाभ देने की बजाय उसका लाभ खुद उठाने को बीच में आ गए। सरकार ने पीओ एस सिस्टम की बजाय मैनुअल तौर पर ही राशन का वितरण करने का निर्देश दिया था।

क्योंकि पीओ एस पर लगने वाले अंगूठे की वजह से संक्रमण का खतरा हो सकता है। इसलिए अभी तक आगामी आदेशों तक राशन का वितरण मैनुअल ही होगा। जिसके चलते इसमें भी घालमेल की शिकायतें बढ़ गई है। सर्वाधिक शिकायतें बावल से आई जिनमें कार्डधारकों ने आरोप लगाया कि उनसे पूरी राशन सामग्री मिलने की स्लिप लेकर आश्वासन दिया गया था कि कुछ सामग्री अभी आई नहीं है जो कि बाद में दे दी जाएगी लेकिन वह सामग्री अभी तक नहीं दी गई है। इसमें मुख्य रूप से दाल व सरसों का तेल है। इसके अतिरिक्त कई स्थानों पर गेहूं भी कम दिए जाने की शिकायतें प्राप्त हुई है।

पारदर्शिता… ऑनलाइन विवरण दर्ज नहीं
सरकार की तरफ से सार्वजनिक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए आधार आधारित राशन सामग्री वितरण पोर्टल भी शुरू किया हुआ है। इसमें कोई भी कार्डधारक अपना आधार कार्ड नंबर या राशन कार्ड के जरिए कितनी राशि सामग्री उसे मिली है वह ऑनलाइन ही देख सकता है। अब कोविड की बजाय यह पोर्टल भी ऑनलाइन एंट्री शो नहीं कर पा रहा है, जिसका फायदा बखूबी रूप से डिपो होल्डर उठा रहे हैं। बावल के अलावा खोल व धारूहेड़ा से भी इसको लेकर काफी शिकायतें मिल रही है। जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के नियंत्रक अशोक रावत ने बताया कि डिपो होल्डर के खिलाफ शिकायत मिलने पर उनको नोटिस देकर कार्रवाई की जाती है। लाभार्थी परिवार को उनकी कैटेगरी के हिसाब से राशन दिया जाता है।