नलवाटी में किसानों ने की ग्वार बाजरे की बिजाई शुरू

  • दो दिन पहले कई गांवों में हुई अच्छी बारिश के बाद किसान फिर से खेती कार्य में जुटे

नारनौल. नलवाटी क्षेत्र में तीन रोज पूर्व कई गांवों में अच्छी बारिश हुई थी। उसके बाद अब दो दिन से मौसम साफ होने के साथ ही उन गांवों में किसानों ने ग्वार बाजरे की बिजाई शुरू कर दी है। किसान बारिश को बिजाई के लिए पर्याप्त मान रहे हैं।

क्षेत्र के किसान कुम्भाराम, मोहरसिंह, सुरेश कुमार, जोगेंद्र सिंह, कमल सिंह का कहना है कि नलवाटी क्षेत्र में भूमिगत जलस्तर अधिक गहराई पर चले जाने के कारण अधिकांश नलकूप नाकारा हो चुके हैं। नहरी पानी की सिंचाई के लिए उपलब्धता नहीं होने के कारण नलवाटी में बारिश पर आधारित बारानी खेती ही की जाती है। ऐसे में अगर समय पर अच्छी बारिश हो जाती है तो खेती ठीक हो जाती है। खासकर बाजरे की बिजाई के समय तथा जर्मीनेशन के बाद बारिश की अधिक ज़रुरत होती है।

वहीं अगर बारिश ना हो तो सूखे की मार झेलनी पड़ती है। पिछले कई साल से नलवाटी क्षेत्र में सूखे के ही हालात बने हुए हैं। किसानों का कहना है कि अगर सरकार इस क्षेत्र में बारिश के पानी को भी रोक कर छोटे नालों, जोहड़ व तालाबों में भरवाने की व्यस्था कर दे तो भूमिगत जलस्तर ऊपर आ सकता है। इससे किसानों को काफी फायदा हो सकता है। किसानों का कहना है कि यहां कृषि विकास अधिकारी नहीं होने के कारण किसानों को समय पर जानकारी नहीं मिल पाती है। किसान अपने विवेक से ही फसलों के बीज, खाद, दवा आदि खरीदते हैं। इसमें कई बार किसानों को नुकसान भी उठाना पड़ता है। इसलिए यहां किसी कृषि अधिकारी की नियुक्ति की जाए।

नमी में ही करें बिजाई : एसडीओ
कृषि विभाग के उपमंडल अधिकारी डॉ. हरपाल का कहना है कि किसान बिजाई से पहले जमीन में नमी की जांच कर लें। पर्याप्त नमी होने पर ही बिजाई करें, क्योंकि जून माह में पड़ने वाली गर्मी तथा दक्षिण पश्चिमी शुष्क हवाओं की वजह से नमी का तेजी से ह्रास होता है। कम नमी में बीज अंकुरित तो हो जाएगा, लेकिन बाद में नष्ट हो जाता है। इससे किसानों को काफी आर्थिक नुकसान होता है। इसलिए बिजाई से पहले नमी की जांच अवश्य कर लें।