15 जून तक कार्यालयों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी, ग्रुप सी-डी के 75-100% कर्मियों को कार्यालय आना होगा

  • पहले सप्ताह के रोस्टर में ऐसे कर्मियों को बुलाया जाएगा जो कार्यालय के पास रहते हैं
  • सरकारी कार्यालयों में कर्मियों को आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा

पानीपत. हरियाणा सरकार ने अपने सभी कार्यालयों में ग्रुप-ए एवं बी के शतप्रतिशत अधिकारियों और सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का पालन करने के लिए कार्यालय में पर्याप्त स्थल उपलब्ध होने पर ग्रुप-सी एवं डी से 75 से 100 प्रतिशत तक कर्मचारियों को कार्यालय बुलाने का निर्णय लिया है। यह निर्णय केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा 30 मई को सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों की उपस्थिति के संबंध में जारी संशोधित दिशानिर्देशों का अनुपालन करते हुए लिया गया है।

विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष और डीसी अपने आकलन अनुसार अलग-अलग समय पर कर्मचारियों को कार्यालय बुला सकते हैं ताकि कार्यालय में अधिक भीड़ न हो। इसके अतिरिक्त, जो कर्मचारी घर से कार्य कर सकते हैं उन्हें घर से कार्य करने की अनुमति भी दी जा सकती है। 15 जून तक कार्यालयों में पब्लिक डीलिंग नहीं होगी। कार्यालय भवनों में एयरकंडीशनर को चलाने के संबंध में लोक निर्माण (भवन एवं सड़क) विभाग द्वारा जारी निर्देशों का कड़ाई से अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा।

अलग-अलग समय पर कर्मियों को बुला सकेंगे

कार्यालयों में ग्रुप सी एवं डी के कर्मचारियों की 75 प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए मुख्यालय एवं जिला कार्यालयों में ग्रुप-सी एवं डी के कर्मचारियों की ड्यूटी का साप्ताहिक रोस्टर तैयार किया जाएगा और ऐसे कर्मचारियों को एक-एक सप्ताह छोड़कर कार्यालय आने को कहा जाएगा। प्रथम सप्ताह के रोस्टर में ऐसे कर्मचारियों को शामिल किया जाएगा, जो कार्यालय के निकट रहते हैं और कार्यालय आने के लिए अपने वाहन का इस्तेमाल करते हैं। यदि किसी कर्मचारी का आवास कंटेनमेंट जोन में आता है तो ऐसा कर्मचारी उस समय तक कन्टेनमैंट जोन को नहीं छोड़ेगा, जब तक कि सक्षम प्राधिकारी द्वारा ‘जोन डिक्लेरेशन आर्डर’ वापस नहीं ले लिया जाता है। कार्यालय आने वाले सभी कर्मचारियों को अपने स्मार्ट फोन, यदि उनके पास हैं, पर आरोग्य सेतु मोबाइल एप डाउनलोड करना होगा। इसके अतिरिक्त, विभागाध्यक्ष, कार्यालयाध्यक्ष और उपायुक्त कार्यालयों में कर्मचारियों के बीच सामाजिक दूरी एवं स्वच्छता के मानदंडों का पालन और कार्यालयों, फाइलों, कार्यालय उपकरणों, केन्टीन एवं वाहनों का नियमित सेनेटाइजेशन सुनिश्चित करेंगे।
हेल्थ डिपार्टमेंट करेगा नियमित जांच
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सरकारी कार्यालयों में कोविड-19 मानक संचालन प्रक्रिया के क्रियान्वयन बारे नियमित जांच की जाएगी और कभी-कभी मुख्यालय एवं क्षेत्रीय कार्यालयों में कर्मचारियों की जांच के लिए कोविड-19 के नमूने भी लिए जाएंगे। बहरहाल, ग्रुप-सी और डी के 75 प्रतिशत कर्मचारियों की उपस्थिति से संबंधित आदेश आवश्यक सेवा श्रेणी के तहत आने वाले मुख्य सचिव, राजस्व विभाग, स्वास्थ्य, गृह, कृषि, जनस्वास्थ्य, विकास एवं पंचायत, बिजली, सिंचाई, शहरी स्थानीय निकाय, चिकित्सा शिक्षा, सूचना एवं प्रौद्योगिकी, सहकारिता, वित्त, आबकारी एवं कराधान, सूचना एवं जनसंपर्क, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभागों और उनकी घटक इकाइयों (नगर निकाय, बोर्ड, निगम, मिशन, सोसायटी आदि) पर लागू नहीं होगा।

लॉकडाउन के बाद औद्योगिक-आर्थिक गतिविधियां शुरू, 39 लाख श्रमिक काम पर लौटे: दुष्यंत चौटाला

डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने इलेक्ट्रोनिक्स सिस्टम डिजाइन एवं मेन्युफैक्चरिंग क्षेत्र के निवेशकों से आह्वान किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन के बाद केंद्र सरकार द्वारा पुन: निवेशकों को आकर्षित करने के लिए चरणबद्ध तरीके से शुरू की गई योजनाओं के तहत निवेश के लिए हरियाणा में आएं, क्योंकि हरियाणा इस क्षेत्र के निवेशकों के लिए पहले से ही एक उपयुक्त स्थल रहा है। वे मंगलवार को देश में निवेशकों को अवसर प्रदान करने के लिए आरंभ की गई क्षेत्र विशेष चर्चा के तहत भारत में निवेश ईएसडीएम विशेष निवेश फोरम सीरीज-2 में हरियाणा का प्रतिनिधित्व कर रहे थे।
दुष्यंत ने कहा कि इलेक्ट्रोनिक्स क्षेत्र में हरियाणा देश का 57 प्रतिशत निर्माणकर्ता है और इस क्षेत्र में निर्यात करने वाला देश का दूसरा सबसे बड़ा राज्य है व यहां पर सात विशेष आर्थिक जोन पहले से ही संचालित हैं और राज्य का लगभग दो तिहाई हिस्सा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में पड़ता है। आईटी क्षेत्र की 20 प्रतिशत कंपनियों ने पहले से ही हरियाणा में अपनी इकाइयां संचालित की हुई हैं। लॉकडाउन के बाद औद्योगिक एवं आर्थिक गतिविधियां शुरू होने से लगभग 39 लाख श्रमिक काम पर लौटे हैं।

68 ब्लॉक में 10 एकड़ से अधिक जमीन उपलब्ध
डिप्टी सीएम ने निवेशकों को कहा कि हरियाणा राज्य औद्योगिक विकास एवं आधारभूत संरचना द्वारा प्रदेश में औद्योगिक संपदाएं विकसित की जा रही हैं और 68 ऐसे ब्लॉक हैं जहां पर 10 एकड़ तक जमीन उपलब्ध है तथा यह लीज होल्ड या पूर्ण स्वामित्तव के आधार पर दी जा सकती है। हरियाणा अपनी नई औद्योगिक नीति बना रहा है और 2020 से 2025 तक हरियाणा में एविऐशन क्षेत्र विनिर्माण एवं संरचना पर विशेष फोकस रहेगा। हिसार में तीन चरणों में एविएशन हब विकसित किया जा रहा है। इसका ड्राई पोर्ट के रूप में भी इस्तेमाल किया जाएगा। हरियाणा में सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध है। आईजीआई एयरपोर्ट, नई दिल्ली से हिसार की दूरी लगभग 135 किलोमीटर है तथा एक्सप्रेस-वे से मात्र दो घंटे से यहां पहुंचा जा सकता है।