हरियाणा से दूसरे राज्यों में रोडवेज या यात्री बस से आना-जाना है तो ये नियम जरूर पढ़ लें

  • राज्य ने इंटरस्टेट रोडवेज बस व अन्य यात्री वाहनों से आने-जाने के लिए जारी किए निर्देश
  • पहचान पत्र और टिकट होना जरूरी, मोबाइल में आरोग्य सेतु एप्लीकेशन भी अनिवार्य

चंडीगढ़. हरियाणा सरकार ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी संशोधित दिशा-निर्देशों के अनुसार राज्य में अंतरराज्यीय बसों और यात्री वाहनों के संबंध में मानक संचालन प्रक्रिया (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोटोकॉल) जारी किया है। अंतरराज्यीय यात्रा करने वाले यात्रियों के पास इलेक्ट्रॉनिक या भौतिक रूप में उसका पहचान प्रमाण पत्र और टिकट होनी चाहिए। इसके अलावा बस स्टाफ के साथ-साथ यात्रियों के मोबाइल फोन में भी ‘आरोग्य सेतु एप’ डाउनलोड किया होना चाहिए। इसके सभी प्रासंगिक विवरण भरे हुए हों और यह एप हर समय एक्टिव होना चाहिए।

ये नियम होंगे अनिवार्य

  • बसों में यात्रा के दौरान यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि किसी भी कर्मचारी और यात्री में कोविड का कोई लक्षण न हो। यदि कोई ऐसा व्यक्ति बस में बैठा हुआ है तो उसे तुरंत बस से उतारकर घर भेजा जाना चाहिए। उसके संपर्क में आने वाले लोगों को 14 दिन के लिए होम क्वारैंटाइन किया जाना चाहिए।
  • एक बस में सवार यात्रियों की संख्या 30-35 से अधिक नहीं होनी चाहिए। यात्रियों को लाने-ले जाने के काम में लगी बसों को पूरी तरह से सैनिटाइज किया जाना चाहिए। बसों के अंदर हर समय सैनिटाइजर की बोतलें उपलब्ध होनी चाहिए और बस कर्मचारियों द्वारा नियमित अंतराल पर इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए। बस में सवार यात्रियों और बस अड्डों पर सभी लोगों ने मास्क पहनने हों और सभी यात्रियों के पास सैनिटाइजर होना जरूरी है।
  • बस के अंदर या बाहर अथवा बस स्टैंड और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर थूकने की मनाही है। इसके अलावा, छींकते या खांसते समय उन्हें अपने चेहरे को ढक कर रखना होगा।
  • यात्रा करते समय वहां तैनात कर्मचारियों द्वारा यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जानी चाहिए। ऐसे किसी भी यात्री को यात्रा की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए जिसका तापमान अधिक हो। स्क्रीनिंग करते समय थर्मल स्क्रीनिंग करने वाले कर्मचारियों को पीपीई किट पहनना आवश्यक है और उसे स्वयं को उचित और पर्याप्त रूप से सैनिटाइज करना जरूरी है।