सर्विस सेक्टर पर आईआईएम रोहतक का कहना- होम डिलीवरी, कोरोना फ्री सेवा, हेल्थ केयर स्टार्टअप्स का समय

  • कोरोना की मार सबसे ज्यादा सर्विस सेक्टर पर पड़ी
  • आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर ने बताई कोरोना के बाद की संभावनाएं

पानीपत. आईआईएम रोहतक के डायरेक्टर धीरज शर्मा का कहना है कि मांग घटने से कोरोना से सबसे अधिक प्रभावित सर्विस सेक्टर हुआ है परिवहन, मनोरंजन, हेल्थ-शिक्षा समेत हर क्षेत्र बदला है। पर मांग जल्द बढ़ेगी। कोरोना फ्री सर्विस, हेल्थ केयर स्टार्टअप्स आएंगे।

होटल और रेस्टोरेंट

  • केवल खाने की क्वालिटी ही नहीं बल्कि सर्विस की क्वालिटी भी सुधारनी होगी। लेआउट और डिजाइन के लिहाज से नए मॉडल लाने होंगे जिसमें सोशल डिस्टेंसिंग पर ध्यान हो। होम डिलीवरी में कोरोना फ्री टिफिन कंसेप्ट का प्रयोग करना होगा।
  • अब ऑन डिमांड सर्विस बढ़ेंगी। भविष्य में सरकार भी इस तरह का कोई सिस्टम खड़ा कर सकती है।

परिवहन सेवाएं

  • बसों और ट्रेन आदि को अंदर से री-डिजाइन करना ही पड़ेगा, जिससे सोशल डिस्टेंस बनाया जा सके।
  • पब्लिक ट्रांसपोर्ट में लोग सफर कम करना चाहेंगे और निजी वाहनों की डिमांड बढ़ने वाली है।
  • ऑटोमोबाइल सेक्टर में बड़े अवसर आ रहे हैं। चुनौती यह है कि कम पैसे मंे अच्छे वाहन मिलें।

मनोरंजन सेवाएं

  • यह सेक्टर तो पहले से ही बदल चुका है। नई जेनरेशन के लोग 8 से 10% ही ऐसे हैं जो टीवी खरीदना चाहते हैं। ये सब काम लैपटॉप पर करते हैं।
  • मनोरंजन भी अब ऑन डिमांड हो गया है। यह चलन और बढ़ेगा। पोर्टेबल मनोरंजन डिवाइस का चलन बढ़ना तय है। कंपनियों के पास अवसर हैं।

हेल्थ सेवाएं

  • इस सेक्टर के लिए तो कोरोना वरदान साबित हो रहा है।
  • ग्रामीण क्षेत्र में भी हेल्थ सेवाएं बढ़ेंगी। रोजगार भी।
  • अब अस्पताल जैसी वैन मरीजों तक जाएंगी। अब रोग शरीर में आए ही ना इस पर ज्यादा ध्यान होगा।

नए स्टार्टअप कैसे होंगे और रोजगार के कैसे अवसर होंगे

  • अभी तक के ज्यादातर स्टार्टअप टेक्नोलॉजी बेस्ड हैं। अब एग्रो बेस्ड स्टार्ट अप का दौर आ रहा है। हेल्थ केयर स्टार्टअप आएंगे।
  • डिलीवरी मॉडल पर यूनिक तरह के स्टार्ट अप शुरू होंगे। इनसे नए रोजगार पैदा होंगे।

प्रदेश के विकास पर असर
सर्विस सेक्टर का पहले से जीएसडीपी में बड़ा योगदान है और आगे चलकर इसका योगदान इसमें बहुत ज्यादा बढ़ेगा। लेकिन सर्विस के तरीके गांव से लेकर शहरों तक काफी बदल जाएंगे।