कृषि पर नाबार्ड- खेती से पैदा होंगे 5 लाख रोजगार, कृषि अब टेक्नोलॉजी बेस्ड होगी

  • कोरोना से प्रभावित कृषि उबरने की कोशिश में है
  • खेती में तकनीक और मशीनों का प्रयोग कई गुना बढ़ने की संभावना

पानीपत. नाबार्ड का मानना है कि कोरोना काल में श्रमिकों के पलायन से प्रभावित हुई हरियाणा की कृषि उबरने की कोशिश में है। गेहूं की कटाई और खरीद की चुनौती को किसानों ने मशीनों की मदद से सुरक्षित तरीके से पार कर लिया है। इसी के साथ खेती में तकनीक और मशीनों का उपयोग कई गुना बढ़ने की संभावना है। इसमें नए अवसर छिपे हैं।

चुनौतियां

  • गेहूं खरीद के बाद अब धान की रोपाई के लिए 70 हजार से अधिक श्रमिक चाहिए।
  • खासकर सब्जियों आदि की खेती में अधिक लेबर लगती है। फिलहाल श्रमिक कम हैं।
  • फूड प्रोसेंसिंग से लेकर मार्केटिंग तक के काम पर असर पड़ा है। बाजार में मांग घटी है।

अवसर

  • विदेशों तक पहुंच और निवेश: नई तरह की कृषि से किसान विश्व बाजार की ओर बढ़ेंगे। कॉन्ट्रैक्ट फार्मिंग, लॉजिस्टिक्स, वेयरहाउसिंग, प्रोक्योरमेंट आदि क्षेत्रों में भी निवेश आएगा।
  • स्थानीय को रोजगार: मशीनों का उपयोग बढ़ेगा तो किसान बड़े यंत्र और ट्रैक्टर आदि खरीदेंगे। इससे वे दूसरों को भी सेवाएं दे पाएंगे तो रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
  • कृषि में आईटी सेक्टर की भी एंट्री होगी। अगले 4 साल में कुल 5 लाख रोजगार की संभावना है।
  • नए बाजार-नए स्टार्टअप्स : हरियाणा में विशेषकर एनसीआर क्षेत्र में एग्री-स्टार्टअप शुरू होंगे। फूड पार्क का जमाना शुरू होने वाले हैं। अब कोल्ड स्टोरेज की चेन बढ़ेंगी।
  • टेस्टिंग लैब बढ़ेंगी और सक्षम युवा इसका लाभ उठा पाएंगे। सामान बाजार तक आईटी के माध्यम से कैसे भेजें, इस पर और काम हो रहा है।

क्या करना चाहिए

  • हरियाणा में 91 एफपीओ (फॉर्मर प्रोड्यूसर ऑर्गेनाइजेशन) हैं। इनमें से 10 व्यापार बढ़ाने के लिए बैंकों से ऋण ले चुके हैं। 12 ने कस्टम हायरिंग केंद्र स्थापित किए हैं। 2 को प्रोक्योरमैंट लाइसेंस मिला है। 3 एफपीओ पैक-हाउस स्थापित कर रहे हैं।
  • अभी 91 एफपीओ हैं। ये और बढ़ाने पड़ेंगे। छोटे-छोटे किसान मार्केट में अवसर पैदा करेंगे।
  • अब रिसर्च करनी होगी कि जरूरत किस चीज की है ताकि उसी को खेत में पैदा करें। फिर अपना ब्रान्ड बनाकर उसकी मार्केटिंग भी करें।
  • लोग अच्छी क्वालिटी का सामान अच्छी पैकेजिंग में लेना पसंद करते हैं इसलिए किसानों को अब यह सब भी सीखना पड़ेगा।
  • कृषि विभाग में केवल कृषि उत्पादन के ही एक्सपर्ट न हों बल्कि मार्केट, ज्योग्राफी, आईटी, मौसम, ऑनलाइन सिस्टम और सर्विस सेक्टर के भी विशेषज्ञ होने चाहिए।

सरकार क्या कर रही है

  • सरकार नाबार्ड की मदद से सोनीपत-रोहतक में 126 करोड़ से 2 मेगा फूड पार्क बना रही है।
  • फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स के लिए केंद्र से 1000 करोड़ रुपए मांगे गए हैं।
  • कृषि विश्विद्यालयों में 10 करोड़ की ग्रांट इन्क्युबेसन सेंटर खुले हैं। एग्री बिजनेस की ट्रेनिंग दी जा रही है।
  • हाईवे के किनारे बड़े प्रोजेक्ट्स के पास एग्री और फूड प्रोसेसिंग परियोजनाएं लाने की कोशिश हो रही है।