महेंद्रगढ़ से आने वाली सरसों को उतारा, रेवाड़ी की मंडियों से अाए वाहन चार दिन से कर रहे हैं इंतजार

  • हैफेड व वेयर हाउस ने जिले में 12 खरीद केंद्रों पर की है 99 हजार मीट्रिक टन सरसों की खरीद, अभी आधी की ही हुई लिफ्टिंग

रेवाड़ी. जिला में समर्थन मूल्य पर की गई सरसों की खरीद की लिफ्टिंग को लेकर अभी पेंच फंसा हुआ है। फिजिकल वेरीफिकेशन के चलते विभिन्न खरीद केंद्रों से गए ट्रक गोदामों के बाहर अनलोड होने के इंतजार में खड़े हुए हैं जबकि जिला महेंद्रगढ़ से आने वाले ट्रकों की सरसों को उतारने का काम प्रारंभ कर दिया है। इसके चलते आढ़तियों ने भी खड़े हुए ट्रकों को खाली किए जाने की मांग की है।

महेंद्रगढ़ जिला में समर्थन मूल्य की गई खरीद के दौरान नारनौल में राजस्थान के किसानों की सरसों खरीद के साथ स्टॉक में मिली बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के बाद मार्केटिंग बोर्ड ने सभी जिलों में खरीद को बंद करते हुए लिफ्टिंग पर भी रोक लगा दी थी। हालांकि नारनौल में अभी जांच चल रही है और इसी के साथ रेवाड़ी में भी स्टॉक की फिजिकल वेरीफिकेशन का काम शुरू हो चुका है। यहां पर हैरानी की बात यह है कि जब जिला में खरीदी गई सरसों के गोदामों में भेजे गए स्टॉक की जांच चल रही तब भी ट्रांसपोर्टरों को गोदाम के लिए गेट पास जारी कर दिए गए हैं।

नियमानुसार जब तक यह फिजिकल वेरीफिकेशन पूरी नहीं हो जाती तब तक उठान नहीं किया जाना था लेकिन बीच में ही गेट पास जारी करना भी कई सवालों को जन्मदे रहा है। हालांकि जिला में अभी तक हुई जांच में स्टॉक में कोई गड़बड़ी नहीं मिली है लेकिन फिर भी आढ़तियों के साथ ट्रांसपोर्टरों की तरफ से दबाव बनाया जा रहा है। हालांकि आढ़तियों व ट्रांसपोर्टरों का तर्क है जब जांच चल रही थी तब गेट पास जारी नहीं किए जाने थे जिससे उनके वाहन कम से कम सरसों के साथ खड़े तो नहीं रहते।

करनाल जाने का भी दबाव बनाने का आरोप
ट्रांसपोर्टर व आढ़तियों का आरोप है कि जिला महेंद्रगढ़ में खरीदी गई सरसों को रेवाड़ी जिला के गाेदाम में लाया जा रहा है और उनकी सरसों को उतारा भी जा रहा है। जबकि उनको गेट पास तो यहां के गोदामों के जारी कर दिए गए लेकिन उनको कभी करनाल जाने को कहा जा रहा है कभी यहां पर ही इंतजार करने की बात कही जा रही है। गौरतलब है कि जिला में समर्थन मूल्य पर खरीद का जिम्मा हैफेड व हरियाणा वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन को दिया गया था।

जिला में 15 मई तक की गई खरीद में 47 हजार 400 मीट्रिक टन सरसों वेयर हाउसिंग कार्पोरेशन की तरफ से खरीद गई है जबकि शेष लगभग 52 हजार मीट्रिक टन सरसों हैफेड ने खरीदी है। खरीदी गई सरसों में से अभी आधी से कुछ अधिक का ही उठान हुआ है।

कुछ दिक्कतें थी जो कि अब दूर हो गई है: डीएम
हैफेड के डीएम राजेंद्र कुमार ने बताया कि नारनौल प्रकरण की वजह से यहां पर जांच चल रही है और जांच लगभग पूरी हो चुकी है। इसलिए लिफ्टिंग का काम रुकवाना पड़ा था लेकिन अब लिफ्टिंग की अनुमति मिल गई है जिसके बाद खड़े ट्रकों को खाली कराया जा रहा है। जल्द ही मंडियों में मौजूद सरसों को गोदाम तक पहुंचा दिया जाएगा।