जनप्रतिनिधियों के फोन न उठाने का मामला: विधायकों की शिकायत पर अधिकारीयों को नोटिस

दो दिन चली वीडियो कान्फ्रेंस में अफसशाही की मनमर्जी को लेकर विधायकों की ओर से रखे गए मामले में असर शुरू हो गया है। सरकार और हरियाणा विधानसभा ने इनके पेच कसने शुरू कर दिए हैं। जहां सरकार की ओर से सभी सांसदों और विधायकों के फोन उठाने के आदेश जारी कर दिए हैं, वहीं विधानसभा स्पीकर की ओर से दो अफसरों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। जबकि एक एचसीएस स्तर के अफसर की शिकायत मुख्य सचिव केशनी आनंद अरोड़ा को कार्यवाही के लिए भेज दी है।
कोसली के विधायक लक्ष्मण यादव ने रेवाड़ी एसपी के खिलाफ स्पीकर को शिकायत भेजी है तो सोनीपत के विधायक सुरेंद्र पंवार ने नगर निगम के जोइंट कमिश्नर के फोन न उठाने की शिकायत की है। जबकि असंध से विधायक शमशेर गोगी ने असंध एसडीएम के खिलाफ लिखित में स्पीकर को शिकायत की है। ज्ञानचंद गुप्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रेवाड़ी एसपी और सोनीपत नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर को नोटिस भेजा है। वहीं, असंध एसडीएम के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्य सचिव को पत्र भेजा है। विधानसभा स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता ने बताया कि रेवाड़ी एसपी और सोनीपत नगर निगम के जॉइंट कमिश्नर को नोटिस जारी किए हैं। 
किस विधायक ने लिखित में क्या दी शिकायत
रेवाड़ी जिले के कोसली विधानसभा सीट से विधायक लक्ष्मण यादव ने रेवाड़ी एसपी नाजनीन भसीन की शिकायत की है। उन्होंने कहा कि एसपी फोन नहीं उठाती हैं। पुलिस के अन्य अधिकारी भी फोन नहीं उठा रहे। इसलिए एसपी का यहां से तबादला किया जाए।
असंध से कांग्रेस विधायक शमेशर सिंह गोगी ने अपनी शिकायत में कहा  कि कोरोना की वजह से लॉकडाउन है। एसडीएम अनुराग डालिया ने फ्लैगमार्च के दौरान अपने बच्चों को गाड़ी में बैठाकर घुमाया। बच्चे पूरे देश के एक जैसे हैं। इन्होंने धारा-188 की उल्लंघना की है। पत्र की एक कॉपी मुख्य सचिव को भी भेजी थी।
सोनीपत से कांग्रेस विधायक सुरेंद्र पंवार ने नगर निगम जॉइंट कमिश्नर के शंभू राठी के खिलाफ शिकायत दी है। उन्होंने कहा कि जॉइंट कमिश्नर को कई बार फोन किया गया, लेकिन वे फोन रिसीव नहीं करते हैं। 
अधिकारियों की ओर से जनप्रतिनिधियों को दो घंटे में करनी होगी बैक कॉल
आदेश में कहा कि अफसरों द्वारा सांसदों व विधायकों को फोन उठाया जाए। साथ ही उनका पूरा मान-सम्मान किया जाए। यदि किसी बैठक में हैं या किसी अन्य कारण से फोन नहीं उठा रहें हैं तो उन्हें एसएमएस कर इसकी जानकारी दी है। बाद में फ्री होने पर जितना जल्द हो सके उन्हें कॉल की जाए। दो घंटे के अंदर जनप्रतिनिधियों की कॉल का जवाब अवश्य देना है। उनका नंबर नहीं मिल रहा है तो भी एसएमएस किया जाए। अफसरों के मोबाइल पर सांसद-विधायकों के मोबाइल नंबर सेव होने चाहिए। सरकार के पॉलिटिकल एंड पॉर्लियामेंट अफेयर्स डिपार्टमेंट की ओर से दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।