हाथों की मेहंदी सूखने से पहले उठा पति का साया, नौसेना में थे शहीद जवान गौरव दत्त शर्मा

झज्जर। भारतीय नौसेना का जवान शादी की खुशियां मनाने के बाद पत्नी से जल्द वापस आने के वायदे के साथ अपनी ड्यूटी पर गया था। लेकिन होनी को कुछ और ही मंजूर था कि पत्नी के हाथों की ठीक से मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि पूनम के सिर से पति का साया उठ गया। हालांकि पत्नी सहित गांव व परिवार को भारतीय नौसेना के जवान गौरव दत्त शर्मा की शहादत पर गर्व है। गौरव विशाखापट्टनम में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे। समुद्री लुटेरों से समुद्री जहाजों को बचाने के लिए उनकी सुरक्षा में आईएनएस सुमेधा जहाज पर सवार होकर मालद्वीप गए थे। 19 मई को जब मालद्वीप से जहाज वापस आ रहा था तो इंजन को स्टार्ट करते समय उसका प्रेशर पाइप फट गया। जिससे ड्यूटी के दौरान गौरव दत्त शहीद हो गए और उनके तीन-चार अन्य साथी घायल भी हो गए। सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को नौसेना की गाड़ी से पैतृक गांव कबलाना लाया गया। जहां पर सैनिक सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार कर दिया गया। जब उनका पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा तो बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने भारत माता की जय, शहीद गौरव दत्त अमर रहे, जब तक सूरज चांद रहेगा तक गौरव का नाम रहेगा के जयकारों से आसमान गुंजायमान हो गया। नौसेना के जवान गौरव दत्त शर्मा की शादी करीब 3 माह पहले ही हुई थी। उसकी पत्नी की हाथों की मेहंदी भी नहीं सूखी थी कि उसका पति ड्यूटी के दौरान भारत माता की रक्षा में शहीद हो गया। गौरव दत्त शर्मा जनवरी के अंतिम सप्ताह में 2 माह की छुट्टी आया था और वह 15 मार्च को छुट्टी काट कर ड्यूटी पर गया था।
16 फरवरी को हुई थी शादी
गौरव शर्मा की धारौली गांव निवासी युवती पूनम के साथ 16 फरवरी को शादी हुई थी। शादी के करीब एक माह बाद वह छुट्टी काट कर वापस ड्यूटी पर चला गया था। शादी को करीब 3 माह का समय ही बीता था कि गौरव दत्त की शहादत की सूचना परिवार को मिली। परिवार को बेटे की शहादत पर जहां गर्व है वहीं शादी के 3 माह बाद ही बेटे की मौत का दुख भी है।
इंजीनियरिंग का कोर्स करते ही लगा नौसेना में
गौरव दत्त जनवरी 2011 में इंजीनियरिंग का कोर्स करते हुए ही भारतीय नौसेना में भर्ती हो गए थे। वह गोताखोर का भी कोर्स कर चुके थे। ग्रुप में वह सबसे अच्छे तैराक भी थे। उन्हें कई सम्मान भी मिल चूके थे। जबकि वह मिलनसार स्वभाव के थे।
भाई ने दी मुखाग्नि
शहीद गौरव दत्त को उसके बड़े भाई राहुल ने मुखाग्नि दी। वे दो भाई और दो बहन हैं। नौसेना के अधिकारियों ने उसे गौरव दत्त की वर्दी व राष्ट्रीय ध्वज सौंपा। अधिकारियों ने कहा कि उनके भाई ने आज भारत माता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी है। देश उनका सदैव ऋणी रहेगा।