सैनिटाइजर कंपनी की आग काबू आई 31 घंटे बाद , लाखों का सामान स्वाहा

गुरुग्राम: दिल्ली-जयपुर हाईवे स्थित खेड़की दौला टोल के पास स्थित एक सैनिटाइजर बनाने वाली फैक्ट्री में शनिवार सुबह लगी भीषण आग रविवार दोपहर 3:40 पर शांत हुई है। करीब 31 घंटे तक लगातार कंपनी में आग जलती रही। फायर अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट में केमिकल और प्लास्टिक का सामान रखे होने की वजह से आग पर काबू पाने में दिक्कत हुई। बार-बार आग बुझने के बाद भी धधक उठती थी। दमकल विभाग की 26 गाड़ियों की मदद से आग पर काबू पाया जा सका। आग लगने से कंपनी में लाखों रुपये का नुकसान हुआ है, लेकिन कोई जनहानि नहीं हुई है। फैक्ट्री में आग लगने के बाद आसपास के इलाके को खाली करा लिया गया था। जानकारी के अनुसार, इस फैक्ट्री में लगभग 70 लोग काम करते हैं और ये सभी सुरक्षित बताए गए हैं। आग लगने के कारणों का पता अभी तक नहीं चल सका है।

खेड़की दौला टोल के पास स्टेला नाम से एक कंपनी है। इस कंपनी में परफ्यूम और डियो बनाने का काम किया जाता है, लेकिन कोरोना संक्रमण फैलने के बाद से अब इस कंपनी में सैनिटाइजर भी बनाया जाने लगा है। कंपनी में शनिवार सुबह 9:30 बजे के करीब बेसमेंट में आग लग गई थी। आग लगने पर कंपनी के कर्मचारियों ने पहले खुद ही आग बुझाने की कोशिश की, आग काबू में नहीं आने के बाद दमकल विभाग को इसकी सूचना दी गई। फैक्ट्री में आग लगने की सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग ने भीम नगर स्टेशन और मानेसर स्टेशन से भी दमकल गाड़ियों को मौके पर बुला लिया। शनिवार सुबह से ही आग बुझाने की कोशिशें चलती रहीं, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि रविवार दोपहर बाद उस पर काबू पाया जा सका। हालांकि, दमकल विभाग के कर्मचारी दमकल की 20 गाड़ियों की मदद से बाहर लगी आग पर काबू पाने के बाद अंदर घुसे और लगातार आग पर काबू पाने की कोशिश करते रहे। बताया जा रहा है कि कंपनी में केमिकल रखा होने की वजह से आग धीरे-धीरे बढ़ती रही। 

आग की सूचना मिलने के बाद खेड़की दौला थाना पुलिस के साथ एसीपी ने मौके पर पहुंचकर आग की भयावहता को देखते हुए ऐहतियातन आसपास की कंपनियों और वहां रह रहे लोगों को वहां से हटा दिया था। कंपनी की ओर जाने वाली सड़क को ब्लॉक कर सभी को रोक दिया गया था।