शराब घोटालाः थानों के मालखाने में रखी शराब रंगीन पानी तो नहीं, भूपेंद्र के भाई जितेंद्र से भी थी निलंबित एएसआई जयपाल की यारी

शराब घोटाले के बाद हरियाणा में पुलिस थानों के मालखाने में रखी शराब को लेकर भी तरह-तरह के सवाल उठ रहे हैं। पुलिस थानों में रखी जो शराब जांच में दिखाई गई, वह शराब है भी या नहीं इस पर कांग्रेस ने शंका जताई है। कहीं थानों में रखी शराब की बोतलों में रंगीन पानी तो नहीं है और असली शराब निकालकर बेची जा चुकी है। इसकी भी जांच की मांग कांग्रेस ने उठाई है। बिना शक्तियों की एसईटी के शराब घोटाले की जांच करने को कांग्रेस ने ढकोसला बताया है। हरियाणा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रवक्ता वेदप्रकाश विद्रोही ने कहा कि शराब घोटाले की जांच के लिए गठित कथित एसईटी के अधिकार क्या है, उसका जांच दायरा क्या है, जब यह ही अभी तक तय नहीं है तो शराब घोटाले की जांच रिपोर्ट कैसी होगी, सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं। विद्रोही ने कहा कि सरकार ने 31 मई तक एसईटी को शराब घोटाले की जांच रिपोर्ट देने की बात कही थी, उसमें मात्र 6 दिन बचे हैं। अभी तक एसईटी की जांच दिशा क्या हो यह भी तय नहीं हो पाया है। यह घोटाला बड़े नेताओं की शह पर हुआ है। घोटाले के सरगना के खिलाफ जांच का सवाल ही नहीं उठता।
घोटाले की निष्पक्ष जांच पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के सिटिंग जज से करवाई जाए तभी सच सामने आ सकेगा। लॉकडाउन के दौरान सील गोदामों व पुलिस थानों से शराब निकालकर होम डिलीवरी करना नेताओं की मिलीभगत के बिना संभव ही नहीं था।

भूपेंद्र के भाई जितेंद्र से भी जयपाल की यारी
खरखौदा में शराब का खेल लंबे समय से चल रहा था। बताया जा रहा है कि करीब एक दशक से शराब तस्करी का गोरखधंधा चल रहा था। इसमें कई पुलिस कर्मियों को भी शामिल किया गया। बाईपास पर गोदाम में रखी शराब तस्करी का षड्यंत्र रचने, धोखाधड़ी, आरोपी को बचाने के लिए उसकी मदद करने और भ्रष्टाचार अधिनियम में दो दिन के रिमांड पर लिए गए जयपाल के तस्करी के आरोपी भूपेंद्र व उसके भाई जितेंद्र से करीबी रिश्ते रहे हैं। एसआईटी की पूछताछ में सामने आया है कि वह कई साल से उनके संपर्क में था। बताया गया है कि करीब चार पहले जयपाल की खरखौदा थाने में नियुक्ति हुई थी। इसी दौरान वह भूपेंद्र का करीबी बन गया। उसका तबादला हुआ तो भूपेंद्र ने अपने रसूख से उसे दोबारा खरखौदा में नियुक्ति दिला दी। वर्ष 2018 के आखिर में उसका फिर से तबादला हो गया था। वर्ष 2019 में उसे फिर यहां नियुक्ति मिल गई। जयपाल पर आरोप है कि उसने शराब तस्करी और केस प्रापर्टी की शराब गोदाम से ठिकाने लगाने में भूपेंद्र की सहायता की।
जयपाल व नरेंद्र पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी
पुलिस विभाग की तरफ से एएसआई जयपाल के साथ ही फरार आरोपी पुलिस कर्मी नरेंद्र पर बड़ी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। एएसआई जयपाल की जांच के लिए तीन प्रशासनिक जांच कराई जा रही है। वहीं नरेंद्र की जांच दो टीम कर रही है। एसपी ने दोनों पर प्रशासनिक जांच शुरू करा दी है। उनकी रिपोर्ट आने के बाद दोनों की शराब के खेल में पूरी संलिप्तता का पता लगाकर उनके खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी। मामले में बर्खास्त जसबीर के साथ ही नरेंद्र भी अभी तक फरार है। वहीं तस्कर के भाई जितेंद्र का भी पुलिस सुराग नहीं लगा पाई है।

शराब की गिनती जारी
गोदाम में रखी शराब की गिनती सोमवार देर शाम तक भी पूरी हो सकी। गोदाम में गिनती का काम जारी है। एसईटी के निर्देश पर एसपी रोहतक राहुल शर्मा के निर्देशन में दो डीएसपी, 10 इंस्पेक्टर व 40 अन्य कर्मी गिनती करा रहे हैं। गिनती पूरी होने पर मिलान कराया जाएगा।

भूपेंद्र व उसके भाई जितेंद्र के साथ एएसआई जयपाल के संबंधों का पता लगा है। उनके साथ उसकी करीबी जानकारी रही है। आरोपी जयपाल के साथ ही नरेंद्र की प्रशासनिक जांच कराई जा रही है। जयपाल की तीन व नरेंद्र की दो प्रशासनिक जांच चल रही है। उनके आधार पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी सोनीपत