बीकानेर में संक्रमित मिले व्यक्ति की मां पत्नी और दोनों बच्चे कोरोना पॉजिटिव

  • सेक्टर-4 की एक महिला के ठीक होकर घर लौटने से जिले में अब 15 एक्टिव केस

रेवाड़ी. जिले में कोरोना वायरस संक्रमित क्षेत्र का दायरा लगातार बढ़ रहा है। रविवार को तो पहली बार एक साथ 4 कोरोना पॉजिटिव के सामने आए। जिला के लिए ये एक तरह से कोरोना बम फूटने जैसा है, क्योंकि एक ही परिवार के 5 लोग इस वायरस की चपेट में आ गए हैं। ये सभी लोग शुक्रवार को पॉजिटिव मिले बीकानेर निवासी व्यक्ति के परिवार के सदस्य हैं। इसके साथ ही जिला में पॉजिटिव केसों की संख्या अचानक ही बढ़कर 16 पहुंच गई है। इनमें से 15 एक्टिव केस हैं, जबकि एक महिला ठीक होकर गुरुवार रात को ही घर लौट चुकी हैं। वहीं प्रशासन ने इस क्षेत्र को कंटेनमेंट जोन भी घोषित कर दिया है। यहां कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग के आधार पर सैंपलिंग की जा रही है।

गुड़गांव में काम करता था व्यक्ति, सैंपल के बाद 5 दिन रहा परिवार के साथ :

गांव बीकानेर निवासी एक व्यक्ति गुड़गांव कंपनी में कार्यरत है। उक्त व्यक्ति के मुताबिक 13 मई को उसके सैंपल लिए गए थे, मगर उसकी रिपोर्ट नहीं आ पाई थी। उक्ति व्यक्ति को रिपोर्ट के बारे मे जानकारी नहीं मिल पाई तो कुछ दिन के इंतजार के बाद वह खुद ही अपनी रिपोर्ट का पता करने के लिए 18 मई को सिविल हॉस्पिटल पहुंचे। यहां उन्होंने रिपोर्ट के बारे में पूछा तो उन्हें इतना ही बताया कि रिपीट सैंपल मांगे गए हैं। यहां उनके सैंपल लिए गए तथा उन्हें आईसोलेशन वार्ड में भर्ती कर लिया गया। गुड़गांव कोरोना प्रभावित है। वहीं पहले सैंपल के बाद उक्त व्यक्ति परिवार के साथ 5 दिन तक रहा। जैसे ही उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट पॉजिटिव आई तो उसके परिवार के भी सैंपल लिए गए। रविवार को उसकी मां, पत्नी, बेटा और बेटी की रिपोर्ट भी पॉजिटिव मिली।

बोहतवास अहीर निवासी कर्मी सोनीपत में पॉजिटिव

जिले के बोहतवास अहीर गांव का एक व्यक्ति सोनीपत में कोविड-19 पॉजिटिव मिला है। जो सोनीपत में सरकारी कर्मचारी है, वहीं पर रहता है। सोनीपत में ही सैम्पल लिया गया था तथा वहां के खानपुर मेडिकल कॉलेज में एडमिट है। एहतियातन कॉन्टेक्ट हिस्ट्री के आधार पर गांव बोहतवास अहीर से सैंपल लिए हैं।

सवाल… कहीं विभाग की गलती तो नहीं पड़ी भारी

बीकानेर निवासी उक्त व्यक्ति की रिपोर्ट प्राणपुरा के व्यक्ति के साथ मिक्स हो गई थी। स्वास्थ्य विभाग इस पहेली केा जल्द नहीं सुलझा पाया कि आखिर रिपोर्ट में गड़बड़ कहां हुई। पीड़ित के अनुसार वह खुद अस्पताल गया तो 5 दिन बाद उसके दोबारा सैंपल लिए। तब उक्त व्यक्ति घर में परिवार के बीच ही रहा है। तमाम बातों पर गौर करें तो सवाल उठता है कि यदि विभाग स्तर पर चूक नहीं होती तो उक्त व्यक्ति अस्पताल में समय रहते उपचाराधीन होता। ऐसे में संभव है परिवार के लोग संक्रमित होने से बच जाते। अंदेशा है कि विभाग की रिपोर्ट को लेकर ही हुई गलती भारी पड़ी है।

विजयनगर केस… दो जवान जिस घर में रहे, स्वास्थ्य विभाग ने वहां से 3 और सैंपल लिए

कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. विजय प्रकाश ने बताया कि शहर के विजय नगर में रहने वाले सीआईएसएफ के दो जवानों की रिपोर्ट तीन दिन पहले निजी लैब में पॉजिटिव आई थी। उन्हें बटालियन सैंपल आदि के लिए अपने साथ लेकर गई है। दोनों जवान विजय नगर में जिस घर में ठहरे थे, वहां से 3 सैम्पल लिए गए हैं। बीकानेर कन्टेनमेंट जोन से कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग के आधार पर 16 सैंपल लिए गए हैं। 21 मई तक लिए गए सभी सैंपल की रिपोर्ट आ चुकी है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा कंटेनमेंट जोन में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग व आईएलआई के आधार पर निरंतर सैम्पलिंग, स्केनिंग व स्क्रीनिंग का कार्य किया जा रहा है।

गर्ल्स कॉलेज सैंपलिंग सेंटर में लिए जाएंगे आज से सैंपल

शहर के सेक्टर-18 स्थित गर्ल्स कॉलेज को कोविड-19 के तहत सैंपलिंग सेंटर बनाया गया है। यहां पहले क्वारेंटाइन सेंटर बनाया हुआ था। अब यह खाली था। सिविल सर्जन ने इसे सैंपलिंग सेंटर और आइसोलेशन वार्ड बनाने के लिए प्रशासन केा पत्र लिखा था। प्रशासन की स्वीकृति के बाद इसे सैंपलिंग सेंटर बना दिया गया है। सोमवार 25 मई से सिविल हॉस्पिटल की ही तरह यहां भी सैंपलिंग शुरू हो जाएगी।