ऑनलाइन पढ़ाई में फिलहाल रेवाड़ी जिला प्रदेश में टॉप पर हर दिन 10 हजार से ज्यादा बच्चों से लिया जा रहा है फीडबैक

  • सरकारी स्कूलों के बच्चों को पढ़ाई में दिक्कत ना इसलिए लगातार हो रही मॉनीटरिंग

रेवाड़ी. अब पिछले दो माह से घर से पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत सरकारी स्कूलों में ई-लर्निंग पढ़ाई चल रही है। शिक्षक, स्कूल मुखिया से लेकर विभाग के जिला स्तरीय अधिकारी भी इस कार्य में जुड़े हैं। बच्चों व उनके अभिभावकों से फीडबैक लेने के साथ ही उनको पढ़ाई में आने वाली समस्याओं को भी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। लगातार मॉनीटरिंग भी हो रही है और इसी के दम पर जिला रेवाड़ी ई-लर्निंग फीडबैक के मामले में प्रदेश में पहले नंबर बना हुआ है।

इससे पहले महेंद्रगढ़ आगे चल रहा था। लेकिन 22 मई के फीडबैक में रेवाड़ी पहले स्थान पर काबिज हो गया। इस कार्य में डीईओ, डीपीसी, डाइट हुसैनपुर की प्राचार्या से लेकर प्राध्यापक भी लगे हैं। वहीं एससीईआरटी गुड़गांव में रेवाड़ी जिला के ई-लर्निंग कार्यक्रम अधिकारी ललित कुमार वशिष्ठ भी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

शिक्षण अधिगम के लिए डाइट में की जा चुकी है शिक्षकों की निष्ठा ट्रेनिंग

नोडल अधिकारी वशिष्ठ का कहना है कि शिक्षण अधिगम के लिए शिक्षकों की निष्ठा ट्रेनिंग भी कराई जा चुकी है। जिसमें शिक्षकों को खेल-खेल में बच्चों को पढ़ाने की नई तकनीक से भी अवगत कराया गया है। अब ऑनलाइन पढ़ाई के दौरान शिक्षक बच्चाें का बेहतर मार्गदर्शन करें और उनको घर के कार्यों से जोड़कर पढ़ने के लिए प्रेरित करें। क्योंकि कक्षा पहली से पांचवीं की पुस्तकें जीवन से जुड़े अध्यायों पर आधारित है, जिनमें पोस्टर, चित्र और अन्य पठन सामग्री है। ऐसे में बच्चों को प्रेरित करें कि वे खुद भी पुस्तकों में रूचि लें। दूसरे अगर कहीं ऑनलाइन में बच्चों को दिक्कत है तो उसे दूर करने के भी प्रयास हो। फीडबैक में जो बातें सामने आ रही हैं उनमें गांवों में ऑनलाइन पढ़ाई में समस्या है। क्योंकि कई घरों में सिंगल मोबाइल है और पढ़ने वाले बच्चे ज्यादा है। ऐसे में उनको पूरा समय नहीं मिल पाता है। दूसरे गांवों में बिजली की भी समस्या है। इससे टीवी चैनल पर चलने वाले पाठ्यक्रम बच्चे देख नहीं पाते हैं।