राशन मुहैया करवाने का सर्वे आंकड़ों में उलझा, विधान सभा और नप वोटिंग के बूथ अलग-अलग होने से आ रहीं दिक्कतें

फतेहाबाद. लॉकडाउन के बीच लोगों को राशन मुहैया करवाने काे लेकर कराया गया सर्वे अभी भी कामयाब होता नजर नहीं आ रहा है। बिना राशन कार्ड के एपीएल परिवार, जिन्हें राशन की जरूरत है, उनका नाम सर्वे में शामिल किया गया था, लेकिन खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से जारी सूची में काफी लोगों के नाम उसमें है ही नहीं।

वहीं कुछ नामों को लेकर संशय बना हुआ है, चूंकि सर्वे विधानसभा वोटर लिस्ट के हिसाब से हुआ था जबकि विभाग की ओर से ऑनलाइन अप्लाई करने वालों का डाटा एक साथ जोड़ा, तो उसमें से काफी नाम इधर-उधर हो गए। ऐसे में इस सर्वे के तहत जब राशन बंटेगा तो परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। कुछ ऐसे परिवारों को भी मदद का लाभ मिल चुका है, तो इसके पात्र ही नहीं हैं।

3 सूचियों को मिलाने के कारण हुई गड़बड़ी, कई पात्र परिवारों के नाम कटने की संभावना

एक ओर ताे लॉकडाउन में सरकार व जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर परिषद व नगर पालिकाओं ने एक सर्वे कराया था। इसमें जहां लोगों से फैमिली आईडी के नाम पर सर्वे में जानकारी ली गई। वहीं सर्वे करने वाली टीमों ने ऐसे लोग जिनके पास राशन कार्ड नहीं है और राशन के लिए पात्र हैं। उनकी सूची तैयार की थी।

इस सूची को ऑनलाइन करके सरकार के पास भेज दिया गया। इसके अलावा सरकार ने खुद को बीपीएल परिवार बताकर आवेदन करने वालों व मुख्यमंत्री समृद्धि योजना के तहत आवेदन करने वालों की सूची को भी ले लिया। इस तरह से इन तीनों सूची को एक साथ लेकर आधार के जरिए वेरिफाई किया। जिसमें काफी परिवारों के नाम इधर-उधर हो गए तो कुछ वंचित हो गए। चूंकि नगर परिषद की ओर से जो सर्वे कराया गया, अध्यापकों ने वह सर्वे विधानसभा चुनाव की बूथ सूची के हिसाब से किया।

जबकि लोगों ने बीपीएल के लिए जो आवेदन किया हुआ है, वह वार्ड के हिसाब से किया हुआ है। ऐसे में सभी लिस्ट एक साथ मिल जाने के बाद विधानसभा बूथ व वार्ड चुनाव बूथ अलग-अलग होने के कारण नाम इधर-उधर हो गए। जिससे अब जो सूची आई है, उसमें वह नाम मिल ही नहीं रहे हैं जोकि सर्वे में शामिल किए गए थे। इतना ही नहीं इस सर्वे के बाद सरकार ने यह भी निर्देश दिए कि जिन लोगों को राशन दिया जाएगा, वह राशन डिपू के हिसाब से दिया जाएगा।

जिनके पास राशन कार्ड नहीं उन्हें भी किया था शामिल

खाद्य आपूर्ति विभाग की ओर से जिले में 23 हजार लोगों के टोकन जारी किए गए हैं। इनमें बीपीएल व एपीएल परिवारों के अलावा वह एपीएल परिवार भी शामिल हैं, जिनके पास राशन कार्ड नहीं है। फतेहाबाद शहर में अब तक 1166 लोगों के टोकन आ चुके हैं। लेकिन इस सूची में कई तरह की खामियां होने की बात सामने आई है। चूंकि सर्वे को लेकर शुरू से ही असमंजस की स्थिति रही है, वहीं अब खाद्य आपूर्ति विभाग ने ऑनलाइन सिस्टम पर खुद को बीपीएल बताने वाले, मुख्यमंत्री समृद्धि योजना व सर्वे की सूची को एक साथ जोड़कर उसे ऑनलाइन वेरिफाई करते हुए 1 सूची जारी की है। जिससे काफी पात्रों को इस योजना का लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है।