रतिया क्षेत्र के 43 गांवों की 16 हजार हेक्टेयर भूमि मिली बाढ़ग्रस्त, राजस्व विभाग ने कृषि विभाग को सौंपी रिपोर्ट

  • धान रोपाई के मामले में कृषि विभाग और सीएम करेंगे अंतिम निर्णय, कृषि विभाग ने लिया गांवों का जायजा
  • धान में रोपाई छूट के लिए किसान कर रहे बार-बार मांग

फतेहाबाद. मेरा पानी मेरी विरासत योजना के तहत रतिया के 50 फीसदी रकबा में धान की रोपाई पर रोक लगाने के बाद किसानों के विरोध को देखते हुए प्रदेश सरकार द्वारा मांगी गई सूची में रेवन्यू विभाग ने रतिया के 43 गांवों की करीब 16 हजार हेक्टेयर भूमि को बाढ़ ग्रस्त बताया है। सर्वे रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी गई है। रतिया में धान लगाने की छूट मामले का लेकर अब कृषि विभाग व सीएम ही निर्णय लेंगे।

कृषि विभाग ने रेवन्यू विभाग की रिपोर्ट के आधार पर गांवों का जायजा लिया। विभाग ने भी रिपोर्ट दी है कि इस जगह पर कौन कौन सी फसल हो सकती है। किस फसल को बाढ़ के पानी का कितना नुकसान है। टीम ने चेक भी किया कि पहले उक्त जगहों पर कौन कौन सी फसल थी। माना जा रहा है कि दो एकड़ जमीन वाले छोटे किसानों के साथ घग्गर व रंगोई किनारे बसे बाढ़ संभावित गांवों को राहत मिल सकती है।

विभाग की सूची में ज्यादातर उन गांवों को शामिल किया गया है जिनमें बाढ़ के दौरान पानी भर जाता है। रतिया तहसील में कुल 64 गांव पड़ते है। कृषि विभाग के अनुसार रतिया क्षेत्र में कुल 32 हजार हेक्टेयर में धान की रोपाई की जाती है। इसमें 2200 एकड़ जमीन पंचायत की है।

रेवन्यू विभाग से ली है रिपोर्ट-डीडीए

^कृषि उपनिदेशक राजेश सिहाग ने कहा कि रतिया के बाढ़ संभावित रकबे की रिपोर्ट मांगी ली गई है। रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी है। धान लगाने पर रोक या छूट पर सरकार फैसला लेगी। हमने 43 गांवों के 16 हजार हेक्टेयर रकबे की सूची भेजी है।

किसानाें काे सहयोग करना चाहिए-एसडीएम
^एसडीएम सुरेंद्र बैनीवाल ने कहा कि आज भी किसानों की बैठक ली गई है। धान न लगाने को लेकर किसानों को आदेश नहीं बल्कि पानी बचाने को लेकर अपील कर रहे है। किसानों को सरकार व प्रशासन का सहयोग करना चाहिए।

छूट को लेकर सिफारिश की है-विधायक
^विधायक लक्ष्मण नापा ने कहा कि सीएम को रतिया क्षेत्र के बारे में बाढ़ संभावित क्षेत्र से अवगत करवाया है। बताया गया है कि रतिया में धान व गन्ना के अलावा दूसरी फसलें नहीं हो सकती। सर्वे करवा कर रिपोर्ट सीएम को भेज दी। इस पर सीएम ही निर्णय लेेगे।

रेवन्यू विभाग द्वारा तैयार रिपोर्ट में जमीन की स्थिति
गांव काश्त बाढ़ग्रस्त
रतनगढ़ 759 680
मिराना 370 350
बलियाला 714 600
ब्राह्मणवाला 1217 800
रोजावाली 266 220
नंगल 1039 728
बोड़ा 267 130
लुठेरा 108 105
लधुवास 954 330
सरदारेवाला 604 250
बबनपुर 983 655
बादलगढ़ 1042 410
महमड़ा 612 312
कंवलगढ़ 880 580
भानीखेड़ा 163 70
लांबा 865 860
घासवा 655 645
चिम्मों 320 240
कलंदगढ़ 240 175
बुर्ज 480 300
एमपी सौत्र 575 532
कुनाल 667 618
गांव काश्त बाढ़ग्रस्त
भुंदड़वास 752 500
बाड़ा 355 255
निक्कुआना 197 97
रतिया 2413 886
नथवान 656 310
तेलीवाड़ा 460 350
कमाना 953 820
लाली 965 260
अहरवां 2185 972
पालसर 293 240
सेखुपुर सौत्र 240 200
रायपुर 441 380
पांडरी 122 100
शहनाल 556 15
गुुरुसर 457 457
मुंशीवाली 359 5
सुखमनपुर 471 15
चंदोकलां 392 392
चंदोखुर्द 212 10
मघावाली 208 5
हासंगा 1299 350