पटवारियों को ऑनलाइन गिरदारवरी के लिए दिए गए टैबलेट की फटने लगी बैटरी, साथ में लेकर चलना हुआ मुश्किल

  • खेतों में जाकर गिरदावरी कर ऑनलाइन मौके पर ही रिपोर्ट अपलोड करने के लिए दिए थे टैब

रेवाड़ी. तकनीकी रूप से पटवारियों को दक्ष करने में जुटी सरकार के कदम इस मामले में कुछ आगे बढ़ते लेकिन उससे पहले पटवारियों के बैग में भ्रष्टाचार के धमाके शुरू हो गए हैं। धमाके किसी खुलासे के नहीं अपितु सरकार की तरफ से जो टैब पटवारियों को ऑनलाइन गिरदावरी सहित अन्य कार्यों के लिए दिए थे वे अब फटने लगे हैं। पटवारियों के लिए इन टैब का साथ रखना जरूरी है लेकिन इनके फटने की घटना से न केवल जोखिम बढ़ गया है अपितु इनकी गुणवत्ता भी सवालों में आ गई है।

अब पटवारियों के सामने इनको लेकर समस्या भी हो गई है जब उनका जिम्मा इनके पास है तो कहीं उनके खिलाफ ही कुछ कार्रवाई नहीं हो जाए। बता दें कि डिजिटलाइजेशन के युग में जिला प्रशासन की ओर से खेतों की गिरदावरी ऑनलाइन करने के लिए पटवारियों को टैबलेट दिए गए थे। इससे घर बैठे पटवारी अब किसी भी किसान के खेत की गिरदावरी नहीं कर सकते हैं, बल्कि टैबलेट लेकर उन्हें फील्ड में जाना ही पड़ता है। अगर वे टैबलेट लेकर खेतों में नहीं जाते हैं तो उनकी लोकेशन से सारा पता चल जाता हैं।

जिला में इस बार खरीफ सीजन के दौरान फसलों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि की वजह से काफी नुकसान हुआ था। इसकी वजह से सरकार की तरफ से जिले के 71 पटवारियों को गिरदावरी का कार्य ऑनलाइन ही किए जाने के लिए टैब उपलब्ध करा दिए थे। सभी पटवारियों को करीब एक साल पहले मिले टैबलेट से खरीफ व रबी की फसलों की ऑनलाइन गिरदावरी की गई थी। लेकिन अब ये टैबलेट पटवारियों के पास रखे थे।

लेकिन 2-3 पटवारियों के टैबलेट रखे हुए अपने अाप फट गए है। इनको देखकर अन्य पटवारियों को भी समस्या होने का भय लग रहा है।
नायब तहसीलदार राजेन्द्र सिंह ने बताया कि ऑनलाइन गिरदावरी के लिए पटवारियों को दिए टैबलेट फटने का मामला संज्ञान मंे आ चुका है। जल्द ही इसके लिए कार्रवाई कर इनको बदलवा दिए जाएगा।