निजी स्कूलों को झटका पुरानी ट्यूशन फीस ही मासिक आधार पर लेनी होगी, डीईओ डीईईओ को अनुपालना के दिए निर्देश

  • स्कूल शिक्षा विभाग ने साफ की स्थिति, पुरानी ट्यूशन फीस ही लेनी होगी
  • हरियाणा में असमर्थ अभिभावक को राहत, अप्रैल-मई की फीस तीन किस्तों में दे सकेंगे

हरियाणा के निजी स्कूलों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को जून 2020 से मासिक तौर पर ट्यूशन फीस जमा करानी ही होगी। निजी स्कूल बढ़ी हुई ट्यूशन फीस नहीं ले सकेंगे। स्कूलों को पिछले साल की ट्यूशन फीस ही मासिक आधार पर लेनी होगी। अप्रैल-मई की फीस असमर्थ अभिभावक तीन समान किस्तों में जमा करा सकेंगे। जिन अभिभावकों ने असमर्थता नहीं जताई है और फीस दे सकते हैं, उन्हें तुरंत तीन मई तक की राशि जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
सेकेंडरी शिक्षा निदेशक ने सभी डीईओ, डीईईओ को निर्देश दिए कि वे आदेशों की अनुपालन कराएं। निजी स्कूल लगातार सरकार से मांग कर रहे थे कि अभिभावकों को फीस जमा कराने के निर्देश जारी करें। जिसे सरकार ने मानते हुए जून महीने से पूर्व की तरह मासिक आधार पर ट्यूशन फीस भरने के आदेश जारी कर दिए हैं। लेकिन, निजी स्कूलों को एक झटका भी लगा है, वे दिसंबर 2019 में फॉर्म-6 में दर्शाई गई फीस नहीं वसूल पाएंगे।
सरकार ने कोरोना काल में पुरानी फीस ही जारी रखने का फैसला लिया है। इसके साथ ही स्कूल कोई हिडन चार्ज विद्यार्थियों से नहीं वसूल पाएंगे। लॉकडाउन अवधि का परिवहन शुल्क व अन्य चार्ज में भी छूट रहेगी।