जाखल खंड के 15 गांवों में जलस्तर 40 मीटर से भी नीचे, 9 गांवों में ठीक

  • कृषि विभाग ने किया सर्वे, रूपांवाली में जलस्तर 50 मीटर से भी नीचे

फतेहाबाद. जाखल खंड के 24 गांवों में से 15 के अंदर भूजल स्तर की स्थिति काफी खराब पाई गई है। इनमें जल स्तर 40 मीटर से भी नीचे पाया गया है। जबकि खंड के 9 गांवों में स्थिति फिलहाल नियंत्रण में है। लेकिन अगर जल्द जल संरक्षण की ओर ध्यान ना दिया गया तो आने वाले दिनों में यह 9 गांव भी उपरोक्त 15 गांवों की तरह भयानक स्थिति में पहुंच जाएंगे। जल स्तर को लेकर जाखल खंड के किए गए सर्वेक्षण में सामने आया है कि 15 गांव ऐसे हैं जहां पर जल स्तर 40 मीटर से भी नीचा होने के कारण यहां पर अब पंचायती भूमि के अंदर धान की बिजाई किसी भी रूप में नहीं हो पाएगी। वहीं खंड के 9 गांव ऐसे हैं जहां पर जल स्तर 40 मीटर से ऊपर होने पर पंचायत विभाग अधिकारी इस पर ध्यान बिजाई की अनुमति दे सकते हैं। सबसे ज्यादा खंड के गांव रूपांवाली में जलस्तर की स्थिति चिंताजनक पाई गई है। यहां पर खंड के अन्य गांवों की तुलना में सबसे ज्यादा नीचा पाया गया है। रूपांवाली में जलस्तर 50 मीटर से भी नीचे पहुंच गया है। जबकि गांव म्योंद कलां, म्योंद खुर्द में भी स्थिति इसके ही आसपास है। यहां पर जलस्तर 47 मीटर नीचे है।

गांव शक्करपुरा, मुस्साखेड़ा ढेर, गुल्लरवाला, रत्ताथेह, कानाखेड़ा, चूहडपुर, मुंदलियां, नत्थुवाल, कुदनी, नड़ैल तथा गांव जाखल में भी जलस्तर 40 मीटर से भी नीचे चला जाना पाया गया है। सर्वेक्षण में गांव दीवाना, करंडी, हैदरवाला, तलवाड़ा, तलवाडी, साधनवास व सिधानी तथा चांदपुरा में जल स्तर 40 मीटर से थोड़ा ऊपर होना पाया गया है। ऐसे में हालांकि इन गांवों में फिलहाल जलस्तर की स्थिति खतरे में नहीं है लेकिन जल सरंक्षण न किया गया तो स्थिति कभी भी बिगड़ सकती है। जिससे यहां पर आने वाले समय में धान बिजाई की प्रक्रिया पर रोक लग सकती है।
ग्राम सचिव विजय भाटिया ने कहा कि फिलहाल जाखल खंड के 15 गांवों में 40 मीटर से ऊपर केवल कुछ ही गांव हैं। जहां पर पानी की स्थिति कुछ ठीक है। लेकिन अन्य गांवों में जल स्तर की स्थिति काफी चिंताजनक पाई गई है। ऐसे में यहां पर धान बिजाई पर रोक लगाई गई है।