एक परिवार के 7 सदस्य संक्रमित मिले, इसमें एक व्यक्ति दिल्ली में लौटा था, अब जानकारी छिपाने का मामला दर्ज

  • कपड़ा व्यापारी दिल्ली शादी में गया था, वापस लौटकर काम करने लगा था
  • पड़ोसियों को व्यापारी की ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगा तो उसका कोरोना टेस्ट करवाया था

करनाल. करनाल में कोरोना के लक्षण छुपाकर महामारी फैलाने के अपराध में मामला दर्ज किया गया है। दरअसल, मामला उसी परिवार पर दर्ज किया गया है, जिनके 7 सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। आरोप है कि कोरोना संक्रमित मिला कपड़ा व्यापारी शादी में गया था, वहां से आने के बाद उसने कोरोना टेस्ट नहीं करवाया जबकि ट्रैवल हिस्ट्री पता चलने पर पड़ोसियों ने उसका टेस्ट करवाया था, जो पॉजिटिव मिला। इसके बाद उस पर अब कार्रवाई की गई है।

जानकारी के मुताबिक करनाल के चमन गार्डन के पास रहने वाला कपड़ा व्यापारी दो अन्य के साथ कुछ दिन पहले दिल्ली शादी में गया था। वे दिल्ली से 5 मई को करनाल वापस लौटे। उसकी करनाल में कपडे़ की दुकान है। दिल्ली से आने के बाद वह अपनी दुकान पर काम करने लगा। जैसे ही उसके पडोसियों को ट्रैवल हिस्ट्री का पता लगा तो कोरोना टेस्ट कराने का दवाब बनाया।

कपड़ा व्यापारी द्वारा कोरोना टेस्ट कराने के बाद उसका टेस्ट पॉजिटिव आया। इसके बाद एक-एक करके उसके परिवार के 6 अन्य सदस्य कोरोना पॉजिटिव मिले हैं। पूछताछ करने पर उसने अपनी ट्रैवल हिस्ट्री की बात स्वीकार की। जैसा कि इस समय कोरोना महामारी अपने चरम पर है। जिसके कारण सरकार द्वारा धारा 144 लागू की हुई है।

कपड़ा व्यापारी द्वारा अपनी ट्रैवल हिस्ट्री छुपाकर सरकार के आदेशों की अवहेलना की है व कोरोना फैलाने का काम किया है। इसके चलते कपड़ा व्यापारी के खिलाफ धारा 188, 269, 270 और 51 डिजास्टर मैनेजमेंट एक्ट के तहत थाना सिटी करनाल में मुकदमा दर्ज कर लिया है।

करनाल पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र सिंह भौरिया ने करनाल के लोगों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यक्ति अपने आप में कोरोना के लक्षण मिलने पर लक्षण छुपाए नहीं। अगर किसी व्यक्ति में कोरोना के लक्षण पाए जाते हैं तो तुरंत अपना कोरोना टेस्ट करवाए।