ड्यूटी जाते समय पंचायती जमीन को देखने रुके थे सरपंच के पति, बदमाशों ने घेर कर 9 गोलियां मारी

  • बड़ी पाबनी की पैक्स में क्लर्क थे रशपाल सिंह, वारदातस्थल के पास लगे कैमरे की फुटेज में एक्टिवा पर आता दिखा गांव का ही युवक

यमुनानगर. अगर पुलिस गांव के सुखविंद्र को समय रहते पकड़ लेती तो बड़ी पाबनी पैक्स के क्लर्क व गांव बाल छप्पर की सरपंच के पति रशपाल सिंह की हत्या न होती। उसने पहले तो सरपंच के घर पर फायरिंग कर दहशत बनाई, लेकिन जब सरपंच पति नहीं डरे तो उनकी हत्या कर दी गई। बदमाशों ने पूरी पिस्टल उन पर खाली कर दी। 9 गोलियाें के खोल पुलिस को मौके पर मिले हैं। बता दें कि रशपाल सिंह लोहगढ़ ट्रस्ट के मेंबर भी थे।

सुखविंद्र की गिरफ्तारी न होने पर सरपंच के परिवार ने भी नाराजगी जताई। उनका कहना था कि सुखविंद्र गांव में आता था। उसकी सूचना पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बाद भी पुलिस उसे पकड़ने नहीं आती थी। हत्या के बाद पुलिस की टीमों ने गांव में कई जगह पर रेड की। सबसे पहले सुखविंद्र और उसके चचेरे भाई वीरेंद्र के घर पर रेड की। यहां पर जब वे नहीं मिले तो उनके एक साथी के घर और खेतों में रेड की। शाम तक हत्यारोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े थे। सीआईए वन इंचार्ज राकेश मटौरिया ने बताया कि हत्यारोपी जल्द ही पुलिस की गिरफ्त में होंगे। आरोपियों की तलाश के लिए गई जगह रेड की गई है। वहीं शव का पोस्टमार्टम शनिवार को होगा। क्योंकि गोलियां रशपाल की हड्डियों में फंसी हुई थी।

घर के बाहर से ही रैकी का शक| रशपाल सिंह की हत्या रैकी से करने की बात सामने आ रही है। रशपाल सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से ड्यूटी के लिए निकले थे। गांव से 5 किलोमीटर दूर पाबनी रोड से लगती पंचायती जमीन को देखने के लिए वे रुक गए। वे वहां गांव के युवाओं के लिए खेल मैदान बनवाना चाहते थे। यहां रोड पर ही मैरिज पैलेस है। यहां पर लगे सीसीटीवी को जब पुलिस ने खंगाला तो एक गांव का युवक एक्टिवा सड़क किनारे खड़ी करता है और एक मिनट बाद ही वह वहां से चला जाता है। यह युवक वही है जिस पर परिजनों ने हत्या का आरोप लगाया है। हालांकि वारदात के समय आसपास के लोगों ने सोचा कि सड़क पर कोई बुलेट के पटाखे बजा रहा है, लेकिन बाद में देखा कि रशपाल खून से लथपथ खेतों के रास्ते में पड़े हैं। तब गांव के लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया।

अम्बाला में पकड़ा गया था बादल, उसने खोले थे कई राज| दिसंबर 2019 में अम्बाला पुलिस ने वहां हुए गोली कांड में कुछ आरोपियों को पकड़ा था। इसमें नमदारपुर निवासी बादल भी था। उसने एक अक्तूबर रात को नमदारपुर निवासी महिला के घर में घुसकर फायरिंग की थी। 19 जून को रिश्तेदार के कहने पर बाल छप्पर में ही प्रवीण कौर के घर में रात को बादल और उसके साथी लवी ने उस पर गोलियां चलाई थी। तब उन्होंने सीआईए की पूछताछ में यह बात भी कबूली थी कि सरपंच के घर के बाहर उन्हीं ने फायरिंग की थी। उसने कहा था कि यह सब उन्होंने अपने रिश्तेदार सुखविंद्र के कहने पर किया था।

तीन बार पहले फायरिंग हुई थी सरपंच के घर पर|

गांव बाल छप्पर के सरपंच के घर पर पहले तीन बार फायरिंग हो चुकी थी। तब पति रशपाल सिंह ने छप्पर पुलिस को शिकायत दी थी कि 6 अगस्त को रात साढ़े 10 बजे उसके घर के बाहर से सुखविंद्र व दो साथियों ने उसके घर पर फायरिंग की। वह उसे जान से मार सकते हैं और उसके परिवार को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इन पर पुलिस कार्रवाई करे। पुलिस ने सुखविंद्र व दो अन्य के खिलाफ धारा-285 और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया है। तब भास्कर को रशपाल सिंह ने बताया था कि उसके घर पर 6 माह में तीन बार फायरिंग हो चुकी है। पहली घटना मार्च में हुई थी। तब गांव के ही तीन लोगों पर आरोप था। उनके साथ जमीन का विवाद चल रहा था। 28 मई को गोलियां चली थी। तब यह पता नहीं चल पाया था कि गोलियां किसने चलाई। इसके बाद 6 अगस्त को गोलियां चली हैं। जिन लोगों से उसका जमीनी विवाद हुआ था, सुखविंद्र उन्हीं के पक्ष का व्यक्ति है। वहीं बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले रशपाल और आरोपी पक्ष में समझौता भी हुआ था।

सरपंच पति की हत्या की वजह क्लियर नहीं हो पाई।

हत्या की वारदात का लिंक आरोपी वीरेंद्र की मां पर चली गोलियां से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि सरपंच के घर पर बार-बार फायरिंग दहशत बैठाने के लिए की गई। अब आखिर में उनकी हत्या कर दी गई। वीरेंद्र की मां पर जब गोली चली तो खुद वीरेंद्र और उसके परिवार के लोगों के साथ-साथ उसकी मां ने भी मामले को दबाव रखा। इससे लंबे समय तक वारदात अनट्रेस रही। बादल के अम्बाला पुलिस के हत्थे चढ़ने के बाद उसने वारदात का खुलासा किया था लेकिन इसके बाद भी वीरेंद्र अपने चाचा के बेटे सुखविंद्र के साथ रहता था जबकि बादल ने कहा था कि सुखविंद्र के कहने पर गोली चलाई थी। वीरेंद्र का पिता न बोल और न ही सुन सकता है।