ट्रेड यूनियन ने निजीकरण के विराेध में बीडीपीओ की मार्फत पीएम व सीएम के नाम साैंपा ज्ञापन

  • यूनियनों व कर्मचारी संघों ने प्रधानमंत्री व वित्त मंत्री को लिखे पत्र, नहीं हुई सुनवाई

बहादुरगढ़. ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर एआईयूटीयूसी ने केंद्र व राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी के बहाने मजदूरों, कर्मचारियों और आम मेहनतकश अवाम के जनतांत्रिक अधिकारों, श्रम कानूनों को खत्म करने, सार्वजानिक क्षेत्र को निजी हाथों में सौंपने के खिलाफ बीडीपीओ की मार्फत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ,सरकारी कर्मचारियों की फैडरेशनों के देशव्यापी आह्वान के तहत आज अपनी प्रतिरोध दिवस मनाया। एआईयूटीयूसी के जिला सचिव सतीश ने बताया कि हम केंद्र व विभिन्न राज्य सरकारों द्वारा कोरोना महामारी के बहाने मजदूरों और आम मेहनतकश अवाम के जनतांत्रिक अधिकारों को छीनने, उत्तरप्रदेश, मध्य प्रदेश, गुजरात, हिमाचल, राजस्थान, हरियाणा आदि अन्य सरकारों द्वारा श्रम कानूनों को निरस्त
कर मजदूरों को औद्योगिक गुलाम बनाने, सार्वजानिक क्षेत्र को खत्म करने आदि के खिलाफ पुरजोर विरोध करते हैं। भूख से बेहाल करोड़ों मजदूरों व गरीब लोगों तक अभी भी मदद न पंहुचाने के लिए सरकार की आलोचना करते हैं।

कर्मचारियाें में राेष :

सरकार नागरिकों को बिना किसी शर्त के राशन उपलब्ध कराने, मजदूरों -कर्मचारियों की छटनी पर रोक, महिलाओं, वृद्धजनों और मजदूरों के भविष्य निधि खाते में रकम डालने आदि में बुरी तरह विफल रही है। मजदूरों के प्रति सरकारों का व्यव्हार बंधुआ मजदूर के जैसा है। सरकारी तंत्र की विफलता के कारण मजदूर सैकड़ों किलोमीटर पैदल चल कर अपने गृह राज्य जाने हेतु जान खतरे में डाल रहे हैं। सड़क दुर्घटना, रेल दुर्घटना और जगह जगह पुलिस के लाठी चार्ज से मजदूरों के खून से सड़कें लाल हो रही हैं। ट्रेड यूनियनों व कर्मचारी संघों की तरफ से समय-समय पर प्रधान मंत्री, वित्त मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्य मंत्रियों को पत्र लिखे गए हैं, लेकिन उन पत्रों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। हम सरकार से पुरजोर अपील करते हैं कि हमारी मांगों को गंभीरता से अमल में लाया जाए। इस अवसर पर सतीश कुमार के इलावा इंटक के सुरेंद्र, मोहना राम, मजदूर कल्याण मंच के रामकिशन, लालजी ,संजीवन और खेत मजदूर संगठन के कृष्ण इस्सरहेडी ,गूगल प्रधान मौजूद रहे।