मई-जून-जुलाई में प्राइवेट कर्मियों का 12 की बजाय 10 फीसदी ईपीएफ कटेगा

अम्बाला. जून में मिलने वाले मई के वेतन में कर्मचारियों का 12 की बजाय 10 प्रतिशत ही कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) कटेगी। इस संबंध में सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है। भविष्य निधि संगठन के रीजनल कमिश्नर नितिन सिंह ने बताया कि यह कटौती प्राइवेट संस्थानों में ही लागू होगी। केंद्र व राज्य सरकार के विभागों या सरकारी निगमों में 12 फीसदी (नियोक्ता व कर्मी) अंशदान ही रहेगा। प्राइवेट संस्थानों में मई, जून व जुलाई में ईपीएफ 10 फीसदी ही कटेगी। ईपीएफ की कटौती कम होने से कर्मचारी का टेक होम वेतन ज्यादा होगा।

नियोक्ता को भी अपने कर्मचारियों के वेतन पर देयता में 2 प्रतिशत की कमी हो जाएगी। उदाहरण के तौर पर यदि मासिक वेतन 10 हजार रुपए है तो कर्मचारी के वेतन से 1200 रुपए की बजाय एक हजार रुपए काटे जाएंगे और नियोक्ता को ईपीएफ योगदान में 1200 रुपए की बजाय एक हजार रुपए का भुगतान करना होगा।

उन्होंने बताया कि इसमें ध्यान योग्य बात यह भी है कि कटौती की दर पीएमजीकेवाई प्रधानमंत्री गरीब कल्याण योजना के तहत होगी, क्योंकि इसके तहत पहले से ही ईपीएफ का 24 प्रतिशत अंशदान केंद्र सरकार द्वारा वहन किया जा रहा है। सरकार के इस कदम से देश भर में 4.3 करोड़ कर्मचारियों एवं 6.5 लाख संस्थानों के नियोक्ताओं और सदस्यों दोनों को नकदी के संकट से निपटने के लिए कुछ हद तक तात्कालिक लाभ पहुंचेगा। हरियाणा में 25,491 संस्थानांे के 25,65,735 कर्मियांे पर यह कटौती लागू होगी।