मंडियों में जांचे पहले दिन से लेकर अब तक के स्टॉक रजिस्टर उठान सहित खरीद किए अनाज के स्टॉक का भी किया मिलान

  • डीसी ने की फसल खरीद कार्य की समीक्षा, संबंधित एसडीएम को दिए उठान कार्य की निरंतर निगरानी के निर्देश

रेवाड़ी. जिला की विभिन्न मंडियों में चल रही खरीद प्रक्रिया के दौरान गुरुवार को अचानक ही संबंधित एसडीएम जांच के लिए पहुंच गए। मंडियों में पहुंचते ही अधिकारियों ने न केवल पहले दिन से लेकर अब तक के खरीद रजिस्टर की जांच की, बल्कि कितना उठान हुआ है और अब कितना अनाज बाकी रह गया है यह सब भी मिलान किया। अधिकारियों के निरीक्षण के दौरान मंडियों में खरीद का कार्य भी रूका रहा। अधिकारियों के साथ ड्यूटी मजिस्ट्रेट व पुलिस बल भी मौजूद रहे। इधर, मंदौला की मंडी को भी रात के समय ही बंद कर दिया गया था। सुबह के समय एसडीएम कोसली कुशल कटारिया भी जांच के लिए पहुंचे। बताया गया कि इसके कुछ देर बाद किसान भी पहुंचना शुरू हो गए थे, लेकिन उनकी सरसों की खरीद नहीं की गई। एसडीएम ने उनको समझाकर वापिस भेज दिया और दोबारा उनको बुलाने के लिए कहा गया है।
मंदौला खरीद केंद्र को रात के समय ही किया बंद
जिला में सरसों की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए गांवों में स्थापित किए गए केंद्रों को फिलहाल बंद कर दिया गया है। इसके पीछे मार्केट कमेटी अधिकारियों का कहना है कि यहां पर खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। अधिकारियाें के अनुसार एक बार सभी किसानों का शेड्यूल जारी हो चुका है। फिर भी अगर कोई किसान रह गया तो वह मार्केट कमेटी कार्यालय में संपर्क कर सकता है। ऐसे किसान को रेवाड़ी मंडी में बुलाकर उनकी उपज को खरीद किया जाएगा। जिले में बावल, बणीपुर, गढ़ी बोलनी, मसानी व टांकड़ी में खरीद फिलहाल बंद है।
वहीं मंदौला व जाडरा मंडी को बुधवार की रात के समय ही बंद कर दिया गया था। पुलिस बल की भी तैनाती कर दी गई थी। इन मंडियों में गुरुवार को भी कई गांवों के किसानों की सरसों खरीद का शेड्यूल था। लेकिन सुबह के समय मंदौला मंडी में पहुंचे एसडीएम ने स्टॉक रजिस्टर जांचने के साथ ही उठान की गई सरसों का भी स्टॉक मिलान किया। वहीं मंडी में तीन गांवों के किसानों की सरसों बिक्री का शेड्यूल था। इन गांवों के किसान पहुंच भी गए, लेकिन जांच के चलते खरीद से इनकार कर दिया गया।
इन गांवों के किसानों को दोबारा से बुलाने की बात कहकर वापिस भेज दिया गया। किसानों का कहना था कि वे किराये पर ट्रेक्टर लेकर पहुंचे, ऐसे में उनको आर्थिक नुकसान भी उठाना पड़ेगा। इधर, बताया गया कि शुक्रवार को भी मंदौला मंडी में जिन किसानों के पास मैसेज भेज दिए, उनको मंडी में नहीं पहुंचने के लिए कहा जा रहा है।